BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

कहीं खुशी कहीं गम

कहीं खुशी कहीं गम
 
वृन्दावन(जहीर आलम)।  पिछले दिनों पहाड़ी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश से यमुना का जलस्तर काफी बढ़ चुका है। जो यमुना पिछले दिनों पूर्व घाटो से काफी दूर बहा करती थी। आज उसी यमुना का जल घाटों से लगकर चल रहा है। लोग यमुना के स्वरूप को देखकर उत्साहित हैं तो वहीं कुछ यमुना में लगातार हो रही जल व्रद्धि से चिंतित भी हैं। इधर हथनीकुंड से छोड़े लाखों क्यूसेक पानी का असर भी  तीर्थ नगरी में देखने को मिल रहा है। यमुना में लगातार हो रही जल वृद्धि अब तटीय स्थानों पर रह रहे लोगो को सोचने पर मजबूर कर रही है। हर घंटे यमुना में बढ़ रहे जलस्तर को लेकर नगर वासियों में तरह तरह की चर्चाये हैं। यमुना में पल पल  बढ़ते जल स्तर पर पुलिस प्रशासन भी नजर जमाए हुए हैं । कोई हादसा न हो इसके लिए केसी घाट पर पुलिसकर्मी गस्त कर श्रद्धालुओं से गहरे पानी मे न जाने को सचेत कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही एवं राजनीतिक उपेक्षा के चलते अपना स्वरूप खो चुकी कालिंदी आज घाटों से लगकर वापस अपने प्राचीनस्वरूप में लौट कर भक्तो को उत्साहित कर रही है। तो वही बढ़ते जल स्तर ने  निचली कालोनियों में रहे लोगो के माथे पर चिंता की लकीरें खींचना शुरू कर दिया है। कहीं न कही लोग यमुना के बढ़ते जलस्तर को खतरे की घण्टी भी मान रहे हैं। केसी घाट पर यमुना का जलस्तर इस कदर बढ़ चुका है। की परिक्रमार्थियों को अब पानी में होकर परिक्रमा लगानी पड़ रही है। केशीघाट पर डूबती सीढ़ियों को देखकर लोग यमुना का जल स्तर नाप रहे हैं। 
माना जा रहा है हथनीकुंड से छोड़े 6 लाख क्यूसेक पानी का असर रविवार रात तक और देखने को मिल सकता है। यमुना में काफी जलस्तर बढ़ने की संभावना है। इधर किसी भी खतरे से अनजान कोलकाता से आए श्रद्धालुओं ने यमुना स्नान कर सुखद अनुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि यमुना का स्वरूप देखकर उन्हें खांसी प्रसन्नता हो रही है। कहा कि यमुना इसी तरह घाटों से लगकर बहनी चाहिये। इसका स्वरूप ऐसा ही बना रहे। वही केशीघाट स्थित यमुना जी मंदिर के सेवायत सिद्धार्थ शुक्ला ने यमुना के स्वरूप को लेकर जहां प्रसन्नता व्यक्त की वही लगातार हो रही जल वृद्धि पर चिंता भी जताई। यमुना के बढ़ते जलस्तर को लेकर खासकर यमुना खादर में रह रहे लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वही निचले स्थानों पर बनी कॉलोनी वासियो की चिंता बढ़ सकती है। हालांकि अभी प्रशासन ने ऐसी किसी भी स्थित को लेकर अपना रुख स्पष्ट नही किया है.

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More