देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
वृंदावन(जहीर आलम)। तीर्थ नगरी वृंदावन में बुधवार को हुई बारिश ने एक बार फिर नगर निगम के दावों की पोल खोल के रख दी। सिल्ट से अटे पड़े नाले और गलियों की चौक हुई नालियों के कारण कुछ ही समय की बारिश में तीर्थनगरी ताल तलैया बनती नजर आई। नगर के आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर भारी जलभराव हो गया। गौरतलब है कि गुरु पूर्णिमा को लेकर बाहर से आने वाले तीर्थ यात्रियों को मथुरा वृंदावन नगर निगम के अधिकारी भले ही बेहतर सुविधाएं देने का दावा भर रहे हो। लेकिन धरातल पर यह सभी दावे हास्यास्पद साबित होते दिखाई दिए हैं। नाही नगर के नाले साफ हुए न ही चौक हुई नालियों को खोला गया। ये और बात है अधिकारियों ने कागजो में नाले नालियों को जरूर क्लीन कर दिया है। आप देख सकते हैं कुछ समय में ही राधा निवास, रंगजी मंदिर, सीएफसी भारत सेवा आश्रम आदि क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं । आज नगर के अधिकतर क्षेत्रों में लगभग इसी तरह का मंजर देखा गया। इधर नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में खासा आक्रोश है । सीएफसी निवासी दुकान स्वामी नितिन अग्रवाल का कहना है कि जरा सी बारिश में सीएफसी चौराहा पर भारी जलभराव हो जाता है। घर और दुकानों में पानी भर जाने से उन्हें हजारों रुपए का नुकसान वहन करना पड़ता है। शिकायत के बाद भी वर्षो से समस्या का समाधान नही हो सका। यह तो थी स्थानीय लोगों की पीड़ा। आप देख सकते हैं बाहर से आने वाले तीर्थ यात्री भी नाले के गंदे पानी से होकर अपने गंतव्य को जाने को मजबूर है। इतना ही नही तीर्थ नगरी में गंदे पानी से होकर गुजर रहे श्रद्धालुओ की भावनाये भी आहत हो रही है। खैर नगर निगम को किसी की भावनाओ से क्या लेना देना। भावनाये ही तो आहत हो रही हैं। कौन सा कोई सीनियर अधिकारी या कोई नेता गंदे पानी से होकर गुजर रहा है। आज हुई बारिश ने जहां जनजीवन थाम के रख दिया। तो वहीं भारी जल भराव के चलते स्कूली बच्चों को भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। वहीं कुछ स्कूली छात्राएं सुरक्षित स्थानों पर खड़ी होकर सड़क से पानी उतरने का इंतजार करती रही। तीर्थनगरी में नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर धौलपुर से आए श्रद्धालुओं ने प्रशासन से यहां व्यवस्था सुधारने की मांग की। श्रद्धालु गौरव त्यागी ने बताया कि इससे अच्छी व्यवस्था तो हमारे धौलपुर में है। वहां पर भी इतना जलभराव नहीं होता जितना कि यहाँ होता है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन को तीर्थनगरी में व्यवस्थाएं सुधारने की हिदायत दे डाली। वही स्थानीय लोगों का कहना है कि जल्द ही अगर नगर निगम ने व्यवस्थाएं नहीं सुधारी तो वह सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।













Related Items
गुनगुने नींबू पानी से लेकर जीरा पानी तक, इन देसी ड्रिंक्स से तेजी से घटेगा वजन
कब रखा जाएगा भाद्रपद पूर्णिमा का व्रत, कौन सा है स्नान दान का शुभ दिन
स्वस्थ रहने के लिए रोजाना कितना पानी पीना चाहिए?