देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय अंजनथली इस क्षेत्र के किसानों के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल की विशेष सौगात है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देश के किसानों की आय को दोगुनी करने में यह विश्वविद्यालय विशेष भूमिका निभाएगा। इस विश्वविद्यालय में वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को नई-नई तकनीक से फायदे की खेती करने के उपाय बताए जाएंगे जिससे किसान कम लागत पर अधिक आय प्राप्त कर सकेंगे। यह बागवानी विश्वविद्यालय देश का चौथा विश्वविद्यालय है और उत्तरी भारत का हिमाचल के बाद दूसरा और अन्य एक विश्वविद्यालय तिलगाना व एक देश के उत्तर-पूर्व में स्थित है। आधुनिक युग में खेती का स्वरूप बदल रहा है, बदलते स्वरूप में हरियाणा सरकार ने किसानों को हरसंभव सहयोग देने की कोशिश की है कि उन्हें हर पहलुओं पर सहयोग दिया जाए। यह कहना है महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. अजय सिंह का।
डॉ. अजय सिंह ने कहा कि हरियाणा में बागवानी विश्वविद्यालय बनने से प्रदेश के किसानों और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। युवा बागवानी में रिसर्च कर सकेंगे इसके लिए भी सरकार द्वारा 6 करोड़ रुपये प्राथमिक स्तर पर मंजूर किए गए हैं। किसानों की संरक्षित खेती के लिए विश्व बैंक द्वारा भी 5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। विश्वविद्यालय के बनने से इस क्षेत्र में उन्नति के रास्ते खुलेंगे। विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, निर्धारित समय से पहले निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
रजिस्ट्रार डॉ. अजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के अंतर्गत हरियाणा में अन्य तीन बागवानी केन्द्र बनाए जा रहे हैं जोकि हरियाणा के सभी क्षेत्र के किसानों के लिए लाभकारी होंगे। मुख्यमंत्री की सोच है कि प्रदेश के सभी लोगों की विकास में समान भागीदारी हो इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने झज्जर जिले के रईया गांव में 100 एकड़ में, जींद के बदाना में 40 एकड़ में व अम्बाला जिले के चांदसौली गांव में 80 एकड़ में बागवानी सैंटर बनाए जा रहे हैं जबकि करनाल के अंजनथली गांव में बन रहे विश्वविद्यालय का क्षेत्र करीब 118 एकड़ में होगा।
उन्होंने बताया कि अब तक सरकार की तरफ से विश्वविद्यालय के लिए 66 करोड़ रुपये आ चुके हैं, इस पैसे से विश्वविद्यालय की चारदीवारी, कॉलेज रिसर्च सैंटर, हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। सरकार की तरफ से इस विश्वविद्यालय के लिए करीब 486 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। अगले वर्ष विश्वविद्यालय में बीएससी बागवानी की कक्षाएं लगाई जांएगी जिसकी 40 सीटें होंगी और एमएससी बागवानी की 20 सीटें होंगी। उन्होंने बताया कि अंजनथली गांव के लोगों को भी नियम के अनुसार दाखिलों में आरक्षण दिया जाएगा। इतना ही नहीं इस गांव व क्षेत्र के लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और किसानों को बागवानी की खेती करने में लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को बागवानी विश्वविद्यालय के माध्यम से बागवानी की खेती करने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि किसानों की आय में बढ़ोतरी हो सके।
साभार-khaskhabar.com













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