देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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वरदराज मंदिर में चल रहे वार्षिक प्रतिष्ठा महोत्सव में स्वामी रामेश्वर आचार्य महाराज का हुआ पट्टाभिषेकवृन्दावन(जहीर आलम)। श्री वरदराज भगवान मंदिर में पंच दिवसीय वार्षिक प्रतिष्ठा एवं वैकुंठ उत्सव के चतुर्थ दिन बुधवार को पट्टाभिषेक एवं विशाल संत सम्मेलन का आयोजन किया गया।
जिसमें बड़ी संख्या में देश के विभिन्न संप्रदायों के दिग्गज संतों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारम्भ सुबह 10:00 बजे भगवान वरदराज की आरती के साथ किया गया। वेदपाठी ब्राह्मणों ने द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य गोवर्धन पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक स्वामी के सानिध्य में बड़ा खटला आश्रम के स्वामी रामेश्वर आचार्य का पट्टाभिषेक किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से वरदराज भगवान मंदिर के ट्रस्टी रामकिशोर सिंधी, जगद्गुरु स्वामी वासुदेवाचार्य, विद्या भास्कर, स्वामी सुदर्शनाचार्य, स्वामी कृपाचार्य, जगद्गुरु स्वामी पुरुषोत्तम आचार्य, जगद्गुरु स्वामी रामचंद्र आचार्य, पूर्व विधायक प्रदीप माथुर, सोहन सिंह सिसोदिया, आदि उपस्थित रहे इस बीच कार्यक्रम में शिरकत करने आए राम जन्मभूमि न्यास समिति के उपाध्यक्ष जगतगुरु स्वामी वासुदेवाचार्य भास्कर आचार्य महाराज ने केंद्र सरकार पर इशारों-इशारों में निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के विषय में संत महंत बहुत ही क्षुब्द हैं। उन्होंने राम मंदिर निर्माण को लेकर संतों की पीड़ा को व्यक्त करते हुए कहा कि जो लोग हमारे मंच पर बैठकर हम से गले मिलकर कहते थे कि राम मंदिर आस्था का विषय है न्यायालय का विषय नहीं है। इसको लेकर कानून बनाना चाहिए सोमनाथ मंदिर की तरह। उन्हीं लोगों को सत्ता की भागीदारी होने के बाद कौन सी परिस्थिति आ गई कि इतना सब होने के बाद मंदिर निर्माण नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भगवदध्वज का प्रधानमंत्री भगवद ध्वज के मुख्यमंत्री भागवद ध्वज के फिर पता नहीं ऐसी कौन सी परिस्थिति है जो मंदिर निर्माण में बाधा बन रही है। महाराज श्री ने साफ कहा कि केंद्र सरकार को इसके लिए कानून बनाना चाहिए और मंदिर निर्माण कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार के पास बहुमत नहीं है तो वह लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र बुलाकर सत्र बुलाये। आपका बहुमत पूरा हो जाएगा। पर सरकार को बहाने बनाने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
वहीं दूसरी ओर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की शान में कसीदे भी गढ़े। वासुदेव आचार्य महाराज ने कहा कि हम आशावादी लोग हैं और हमें पूर्ण उम्मीद है कि मंदिर बनेगा। वही जब उनसे पूछा गया कि क्या 2019 में मोदी पुनः देश के प्रधानमंत्री बनेंगे तो उन्होंने कहा कि मोदी जी ने देश का मान बढ़ाया है। नरेंद्र मोदी को देश की सेवा के लिए 5 वर्ष का समय और देना चाहिए। 2014 के लोकसभा चुनाव की अपेक्षा 2019 में भी उसी तरह का बहुमत मिल पाएगा तो उन्होंने साफ कहा कि अब उस तरीके का बहुमत सरकार को नहीं मिलेगा। हां अगर सरकार मंदिर निर्माण करा दें तो शायद मंदिर निर्माण के बाद सरकार का पूर्ण बहुमत से बनने का रास्ता साफ हो जाए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण का संत-महंत इंतजार कर रहे हैं वही गंगा जमुना शुद्धीकरण को लेकर पूछने पर कहा कि केंद्र सरकार को जिन जिन धार्मिक क्षेत्रों में नदियां हैं उन्हीं स्थलों के संतों को साथ विचार-विमर्श करने की जरूरत है।
तभी यह संभव हो पाएगा वहीं दूसरी और श्री राम जन्म भूमि मंदिर निर्माण न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष जन्मेस दास महाराज ने कहा कि 2019 के महाकुंभ के साथ-साथ संतों का चिंतन और सुप्रीम कोर्ट का निर्णय जल्दी ही आएगा और श्री राम मंदिर का मोदी और योगी के कार्यकाल में ही यथाशीघ्र होगा। मंदिर निर्माण को अब कोई शक्ति रोक नहीं सकती। उन्होंने कहा कि शिया बोर्ड और सुन्नी बोर्ड सब हमारे साथ हैं जल्दी मंदिर निर्माण होगा। 2019 के महाकुंभ के साथ-साथ मंदिर निर्माण होगा। और सुप्रीम कोर्ट का आदेश हमारे पक्ष में आएगा।













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