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दिल्ली संकट पर बोले राहुल, पीएम ने मूंदी आंखें, अराजकता' से लोग परेशान

दिल्ली संकट पर बोले राहुल, पीएम ने मूंदी आंखें, अराजकता' से लोग परेशाननई दिल्ली। कांग्रेस ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार और दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) को आईएएस अधिकारियों और दिल्ली सरकार के बीच अनबन के लिए जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर उनके प्रदर्शन की वजह से शहर में गतिरोध उत्पन्न होने के लिए दोनों पर निशाना साधा। 

 

राहुल ने प्रधानमंत्री पर इस संकट को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "दिल्ली के मुख्यमंत्री उपराज्यपाल के कार्यालय में धरने पर बैठे हैं, भाजपा मुख्यमंत्री आवास पर धरने पर बैठी है, दिल्ली के नौकरशाह संवाददाता सम्मेलन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री इस उथल-पुथल और अव्यवस्था का हल निकालने के बदले इस अराजकता पर अपनी आंखे मूंदे हुए हैं।" उन्होंने अपने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, "इस ड्रामा की वजह से, दिल्ली के लोग पीड़ित हैं।"

 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोमवार को भी उपराज्यपाल के आवास पर धरने पर बैठे हैं और प्रधानमंत्री से आईएएस अधिकारियों को उनके हड़ताल को समाप्त करवाने के लिए 'हरी झंडी दिखाने' का आग्रह कर रहे हैं। भाजपा ने भी सोमवार को केजरीवाल के धरने के विरोध में अपना प्रदर्शन जारी रखा है।

 

गौरतलब है कि, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का धरना आठ दिनों से एलजी हाउस पर जारी है। वहीं इस धरने पर दिल्ली हाइकोर्ट ने सवाल खड़े किए हैं। हाईकोर्ट ने कहा है कि समझ नहीं पा रहे ये धना है या हड़ताल है। इतना ही नहीं कोर्ट ने पूछा है कि इस हड़ताल की इजाजत किसने दी। कोर्ट ने पूछा है कि क्या एलजी हाउस में बैठना मान्य है और इस संकट का समाधान जरूरी है।

 

दिल्ली हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री की हड़ताल पर सवाल उठाए हैं। 

- कोर्ट ने दिल्ली सरकार की तरफ से पेश वकील से पूछा कि हम समझ नहीं पा रहे हैं कि ये क्या है धरना या हड़ताल है। 

- इस धरने या हड़ताल के लिए किसने अनुमति दी या उन्होंने खुद ही ये फैसला लिया।

- धरने या हड़ताल का फैसला उनका व्यक्तिगत था या कैबिनेट का सामूहिक फैसला लिया।

- वहां बैठना क्या मान्य है। वो किसके ऑफिस में बैठे हैं।

- क्या वो हड़ताल के लिए बाहर बैठे हैं। 

- जैसे ट्रेड यूनियन अपनी मांगों को लेकर बाहर हड़ताल करती हैं क्या ये वैसे हड़ताल है। 

- क्या एलजी हाउस में बैठने के लिए एलजी की अनुमति है।

 

इसी बीच यह भी खबर है कि आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए अरविंद केजरीवाल ने अपने घर में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।

 

हाईकोर्ट ने कहा ने कहा है कि इस मुद्दे का समाधान निकालना जरूरी है. कोर्ट ने इस मामले में आईएएस एसोसिएशन को भी पार्टी बनाया है। वहीं बिजेंद्र गुप्ता, प्रवेश वर्मा, सिरसा, कपिल मिश्रा ने भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट ने इस याचिका को इस मामले के साथ जोड़ लिया है और सारी याचिकाओं पर सुनवाई शुक्रवार को होगी। वहीं गृहमंत्रालय और पीएमओ के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि आईएएस अफसर हड़ताल पर नहीं हैं।

 

साभार-khaskhabar.com

 

 

 

 

 

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