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राजसिंहासन पर विराज द्वारिकाधीश बने दूल्हा

राजसिंहासन पर विराजमान दूल्हा बने भगवान द्वारिकाधीश।दर्शन को उमड़े भक्त, कृष्णमय हुआ महानगर

शहनाई और बैंड बाजों की धुनों पर थिरके भक्त

मथुरा। मथुरा में हुए प्रभु के अनूठे विवाह में राजसिंहासन पर दुर्लभ रत्नों से जडित द्वारिकाधीश प्रभु की बारात ने धूम मचा दी। शहनाई की सुरीली धुनों पर थिरकते भक्तों के उत्साह और प्रभु बारात की आभा ने आयोजन को यादगार बना दिया। सखी बनी महिलाओं ने मंगल गीत गाकर रुक्मणि को मोहित किया।  पूरा नगर कृष्णमय नजर आया, हर कोई प्रभु की भव्य दिव्य बारात में शामिल होने को आतुर नजर आया। राजाधिराज दूल्हा बने थे तो हर भक्त एक बार उनको निहारना चाहता था। देश-विदेश से आये भक्तों और बृजवासियों के उत्साह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है घीया मंडी चैक बाजार से द्वारिकाधीश मंदिर तक प्रभु बारात के स्वागत की होड़ मची रही। भक्तों ने जहाँ अपने दूल्हा बने भगवान की आरती उतारी। वहीं बारातियों के स्वागत में भी पलक फावड़े बिछाते हुए तरह-तरह के पेय पदार्थों जूसों और अमरस पिलाया और उपहारों से लाद दिया।

प्रभु की भव्य बारात जब द्वारिकाधीश मंदिर पहुँची तो हजारों की संख्या में मौजूद घराती बने भक्तों ने फूलों की बारिश और राधे-राधे की जयजयकार से माहौल कृष्णमय कर दिया। 

द्वारिकाधीश मंदिर को जेस्मिन, मोगरा, कुंद, गुलाब के देशी विदेशी फूलों और फलों से महल सरीखा सजाया गया था। मंदिर में विवाह की वेदी फेरों का मंडप और सखियों संग विराज रही रुक्मणि जैसे वो प्रभु का इंतजार कर रहीं हो। कोलकाता बेंगलुरु के कारीगरों द्वारा फूलों की नक्काशीदार सजावट की आभा देखते भक्त निहाल हो रहे थे। 

द्वारिकाधीश मंदिर के पीठाधीश वागीश महाराज समधी के रूप में शामिल हुए, उनका भक्तों ने भव्य स्वागत किया।

बाराती बने गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल को भक्तों ने दुशाला पहना कर स्वागत किया। समिति के अध्यक्ष दीनानाथ अग्रवाल, मंत्री अशोक कुमार आड़ती, राजेन्द्र सर्राफ, मुरारी सरन सर्राफ, भगवान दास खंडेलवाल, राकेश गर्ग, सुल्ले कन्नू सर्राफ, संजय जिंदल, राघवेंद्र गर्ग, अमरनाथ गोयल, महावीर अग्रवाल, सुनील बंसल सर्राफ, राम सिंह वर्मा आदि हजारों लोग शामिल रहे।

नारद संवाद

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