देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के शांति निकेतन में विश्व भारती विश्वविद्यालय के 49वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना शुक्रवार को शामिल हुए। पीएम मोदी और शेख हसीना ने रविन्द्र भवन का भी दौरा किया। दोस्ती की नई इबारत लिखते हुए दोनों देशों के प्रधानमंत्री भारत और बांग्लादेश के सांस्कृतिक संबंधों के प्रतीक ‘बांग्लादेश भवन’ का उद्घाटन किया।
आपकी डिग्री आपकी प्रतिभा को दर्शाती है
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विवि में किसी भी तरह की असुविधा के लिए मैं जिम्मेदार हूं। मैं यहां अतिथि के रूप में नहीं बल्कि प्राचार्य के रूप में आया हूं। मोदी ने कहा कि लोकतंत्र ही इस देश का प्राचार्य है। पीने के पानी की समस्या की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने कहा कि इस असुविधा के लिए मैं आपसे माफी मांगता हूं। मोदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपकी डिग्री आपकी प्रतिभा को दर्शाती है।
इनोवेशन के लिए देशभर के 2400 स्कूलों को चुना
एजुकेशन सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए कम उम्र में ही इनोवेशन (नवोन्मेष) का माइंड सेट तैयार करने की दिशा में हमने देशभर के 2400 स्कूलों को चुना है। इन स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से छठी से 12वीं कक्षा के छात्रों पर फोकस किया जा रहा है। इन लैब्स में बच्चों को आधुनिक तकनीक से परिचित करवाया जा रहा है। उन्होंने ने कहा शैक्षिक संस्थाओं को पर्याप्त सुविधाएं मिले, इसके लिए 1000 करोड़ रुपए के निवेश के हायर एजुकेशन फाइनेंसिंग एजेंसी शुरू की गई है। इससे प्रमुख शैक्षिक संस्थाओं में हाई क्वालिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए निवेश में मदद मिली है।
बिगड़ता एजुकेशन सिस्टम सबसे बड़ी चिंता
आज के दौर में बिगड़ता एजुकेशन सिस्टम सबसे बड़ी चिंता का विषय है। क्योंकि बेहतर शिक्षा का न मिल पाना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। पीएम मोदी का कहना है कि देश के युवाओं को अगर बेहतर शिक्षा और सुविधा मिलेगी, तभी देश प्रगति की ओर आगे बढ़ सकेगा। वहीं मोदी ने विद्यार्थियों से कहा अगले चार साल में देश के एजुकेशन सिस्टम को सुधारने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे ताकि भारत में हर छात्र को एक बेहतर और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिल सके।
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना गुरुदेव रविन्द्र नाथ टैगोर की कर्मस्थलि शांति निकेतन में इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए भारत दौरे पर शुक्रवार सुबह पहुंचीं। इससे पहले शांति निकेतन पहुंचने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्ती ने पीएम मोदी का स्वागत किया।
प्रधानमंत्री बनने के बाद से यह मोदी का विश्वविद्यालय का पहला दौरा है। आखिरी बार 2008 में संस्थान के कोई कुलाधिपति दीक्षांत समारोह में मौजूद थे। तब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वहां का दौरा किया था।
साभार-khaskhabar.com













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