देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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रामकिशन सांवरिया सेवा सदन में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन
गोवर्धन। रामकिशन सांवरिया सेवा सदन में आयोजित भागवत कथा के तृतीय दिवस महोत्सव में भक्त प्रहलाद की कथा का व्यास मंच से वर्णन किया गया। तृतीय दिवस की कथा महोत्सव के अंतर्गत भागवत जी के सप्तम स्कंद तक की कथा का वर्णन हुआ। जिसमें त्रिवासनाओं सद्वासना, असद्वासना एवं मिश्रवासना का वर्णन किया। स्वामी राधिकाशरण जी महाराज के शिष्य कथाव्यास बालकृष्ण शरण जी महाराज ने कहा कि प्रहलाद जी का चरित्र सद्वासना का निरुपण है हिरण्यकश्यप असद्वासना का स्वरुप है। दैत्यवच्य मिश्रवासना का स्वरुप है। अंतिम विजय सद्वासना की होती है। प्रहलाद जी के भक्ति भाव और निष्ठा के सामने हिरण्यकश्यप एवं समस्त दैत्यों को झुकना पडा और सद्वासना की जय-जयकार हुई। इस अवसर पर स्वामी राधिकाशरण रामदेव शास्त्री जी महाराज, ट्रस्ट के प्रधान पं. रामकिशन लवानियां, उप-प्रधान कुंजबिहारी शास्त्री, सचिव विष्णु दत्त शास्त्री, पूर्ण चंद कौशिक, जगमोहन शर्मा, त्रिलोक गर्ग, रामलाल कालडा, दीपक कालडा, ब्रजमोहन स्वामी, दिनेश, पंकज शर्मा, निर्भय जोशी, गोविंद शर्मा, ब्रजकिशोर शर्मा, माधुरी सखी, राजपाल, पवन शर्मा, राजकुमार, अशोक, अमन, मुकेश शर्मा, बिजेंद्र शर्मा, आकाश शर्मा, विशाल, तनुज शर्मा, प्रद्युम्न, पूजा शर्मा, सीमा जोशी, लक्ष्मी, राधिका, उर्मिला देवी, नेहा, आरती, भारती, मनी शर्मा आदि थे।













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