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पेइचिंग। उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग-उन चीन की चार दिवसीय यात्रा पर है। तानाशाह किम अपनी पत्नी री सोल जू के साथ चीन पहुंचा है। चीन की सरकारी शिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने किम के चीन में होने की पुष्टि की है। एजेंसी ने तानाशाह किम और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात की तस्वीर भी जारी की है। मुलाकात के दौरान तानाशाह ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को उत्तर कोरिया आने का निमंत्रण दिया, जिसे शी ने स्वीकार कर लिया है। एजेंसी के मुताबिक किम ने परमाणु प्रसार को रोकने का संकल्प लिया है। इसके बदले में चीन ने उत्तर कोरिया के साथ संबंध मजबूत करने का वादा किया।
2011 में सत्ता में आने के बाद यह उनका पहला विदेश दौरा बताया जा रहा है। इसे अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच होने वाली वार्ता की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। शिन्हुआ के मुताबिक किम ने कहा, दिवंगत राष्ट्रपति किम सुंग और जनरल सेक्रटरी किम जोंग की इच्छा के अनुसार हम प्रायद्वीप में परमाणु प्रसार पर लगाम लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया अमेरिका से वार्ता करना चाहता है। इससे शांति और स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। जापानी मीडिया ने सोमवार को खबर दी थी कि उत्तर कोरिया का एक उच्च अधिकारी ट्रेन से चीन पहुंचा है। यह अधिकारी और कोई नहीं बल्कि खुद प्योंगयांग के नेता किम जोंग-उन थे।
ब्लूमबर्ग ने तीन अज्ञात सूत्रों के हवाले से यह खबर दी थी। चीन पहुंचने पर तानाशाह किम और उनकी पत्नी री सोल जू का राष्ट्रपति शी ने स्वागत किया। किम के लिए बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ पीपल में शाही भोज का आयोजन भी किया। इसी भोज के दौरान दोनों ने एक दूसरे से बातचीत की और शी ने किम की पहली चीन यात्रा के लिए बधाई दी। साथ ही यहां पर आयोजित स्वागत समारोह में दोनों देशों के प्रमुखों ने कला प्रदर्शन का भी आनंद उठाया। भोज के बाद किम ने कहा, मेरी शी जिनपिंग से कई मुद्दों पर सफल वार्ता हुई। मैंने शी के साथ दोनों पक्षों, दोनों देशों के बीच संबंधों के विकास, दोनों देशों की घरेलू स्थिति, कोरियाई प्रायद्वीप पर शांति और स्थिरता बनाए रखने व अन्य मुद्दों पर बात की।
साभार-khaskhabar.com












