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क्षतिग्रस्त लिवर तथा पैंक्रियाज का ऑपरेशन कर दिया नया जीवन
मथुरा। नयति मेडिसिटी में दुर्घटना में बुरी तरह घायल 20 वर्षीय बालकृष्ण आये थे , जिनका लिवर बुरी तरह क्षतिग्रस्त था तथा पैंक्रियाज भी दो भागों में बंट गया था। उनका सफलतापूर्वक ऑपरेशन (व्हिप्पल सर्जरी) करके इलाज किया गया।
ज्ञात हो कि इस क्षेत्र में व्हिप्पल सर्जरी द्वारा पहली बार ऑपरेशन किया गया है और यह सर्जरी किसी भी चिकित्सक के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होती। एनेस्थीसिया, ब्लड बैंक आदि विभाग नयति में ही एक ही छत के नीचे होने के कारण तत्काल ऑपरेशन किया जाना सम्भव हो सका। ऑपरेशन के बाद केवल 8 दिन उन्हें अस्पताल में रहना पड़ा।
इस अवसर पर नयति मेडिसिटी के सीईओ डॉ आर के मनी ने कहा कि हमने यही सोचकर ब्रज में नयति की शुरुआत की थी कि यहां के लोगों को बेहतरीन तथा विश्वस्तरीय इलाज के लिए मीलों लम्बी यात्रा न करनी पड़े और उनके घर के पास ही बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। बालकृष्ण का ऑपरेशन करने वाले नयति मेडिसिटी के जीआई सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ योगेश अग्रवाल एवं जीआई सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ अजय अग्रवाल ने कहा कि देश भर में इस प्रकार के अब तक मात्र 150 ऑपरेशन ही हुए हैं, जिनमें 50 प्रतिशत मरीजों की जान ही बच सकी। नयति में इस सफल सर्जरी को करने के बाद हम बेहद खुश हैं और नयति इस प्रकार की सर्जरी करने वाला इस क्षेत्र का पहला हॉस्पिटल बन गया है। यह एक प्लान्ड सर्जरी है, इस प्रकार के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में विश्वस्तरीय संसाधनों की आवश्यकता होती है जो नयति में उपलब्ध है। ऑपरेशन करने वाली चिकित्सकीय टीम में जीआई सर्जरी विभाग के डॉ सुरेन्द्र शर्मा का विशेष योगदान रहा।













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