देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
बेशकीमती चंदन के रथ में सवार ठा. गोदारंगमन्नार ने नगर भ्रमण कर भक्तों को दिये दर्शन
वृन्दावन। उत्तर भारत के प्रसिद्ध श्रीरंगनाथ मंदिर में चल रहे 10 दिवसीय ब्रह्मोत्सव के अंतर्गत सोमवार को गोदा रंगमन्नार भगवान ने नगर भ्रमण कर भक्तो को दर्शन दिये। भगवान गोदारंगमन्नार चंदन की लकड़ी से निर्मित 50 फुट ऊंचे बेशकीमती विशालकाय रथ में आरूढ़ होकर भक्तांे को दर्शन देने निकले। भगवान के दर्शनों के लिये हजारो भक्तो का सैलाब आज तीर्थ नगरी में वृन्दावन में सुबह से ही उमड़ने लगा। उत्तर भारत के प्रसिद्ध रंगनाथ मंदिर में चल रहे ब्रह्मोत्सव के अंतर्गत सोमवार को करीब प्रातः 8 बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य रथ की सवारी की शुरुआत हुई। भगवान दक्षिणायंत शैली व चंदन की लकड़ी से निर्मित विशालकाय रथ पर विराजित होकर नगर भ्रमण को निकले। रथ के आगे बैंड बाजों की धुनों पर महिलाएं नृत्य करते हुये चल रही थी। भगवान गोदारंगमन्नार नगर भ्रमण करते हुए नगर पालिका चैराहे से होते हुए बड़े बगीचा पहुंचे। जहां भगवान ने कुछ क्षण विश्राम किया। इस दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान भी हुए। भगवान के रथ की रस्सी को खींचने के लिए भक्तों में होड़ सी लगी हुई थी। बड़े बगीचा से विश्राम के उपरांत एक बार पुनः ठाकुर जी भ्रमण करते हुए मंदिर परिसर पहुंचे। इस दौरान हजारों भक्तों ने रथ पर सवार ठाकुरजी के दर्शन कर स्वंय को धन्य किया। वहीं बड़ी संख्या में मेले में श्रद्धालु भक्तों ने आस्था की डोर से रथ को खींचकर पुण्य लाभ कमाया। मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जहां सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए वहीं नगर निगम की ओर से चुंगी चैराहा पर खोया पाया केंद्र के माध्यम से व्यवस्था बनाने का कार्य किया।












