देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
मथुरा। ब्रजवासी सेवा समिति द्वारा हास्य, परिहास से भरपूर हास्य होली मिलन समारोह आयोजित कर अर्द्धरात्रि तक सदस्य परिवारों को हंसने-गुदगुदाने पर मजबूर कर दिया। एक के बाद एक प्रस्तुति व खेलों की श्रृंखला अनवरत रूप से समय का अनुमान नहीं लगने दे रही थी।
समिति के सदस्य जोड़ों द्वारा तैयार हास्य नृत्य कार्यक्रम में शशिभानु-विशाखा द्वारा किसी डिस्को में जायें किसी होटल में खायें, मोहनलाल-काजल द्वारा जब से हुई है शादी आंसू बहा रहा हूं, सचिन-रति द्वारा झूठ बोले कौवा काटे काले कौवे से डरीयो, राजीव-खुशी द्वारा मैं जोरू का गुलाम बनके रहूंगा, दीपक-रति द्वारा राधिका के डैडी जरा आना, नवल-रूचि द्वारा ग्रामीण अंदाज में हट जा ताऊ पाझे से, सौरभ-शूची द्वारा तू खीच मेरी फोटो, मनोज-लता द्वारा कहदू तुझे या चुप रहूं दिल में मेरे क्या है, मनोज-जया द्वारा दिल साडा चोरी हो गया, वहीं अभिषेक-पूजा द्वारा प्यार हुआ इकरार हुआ गाने पर प्रस्तुतियां देकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया।
वहीं महिला सदस्यों के लिये विशेष रूप से तैयार किये गये खेल आओ बहन चुगली करे में उपस्थित हंसते-हंसते लोटपोट हो गये इस खेल की विजेता बबिता व रति रही। वहीं कार्यक्रम में नन्हीं बच्ची नेहल का बलम पिचकारी जो तूने मेरे मारी सीधी साधी छोरी शराबी हो गयी ने जमकर तालियां बटोरी। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण पदमावती घूमर नृत्य जिस पर समिति की सदस्य विशाखा व रूचि द्वारा जोरदार नृत्य प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अन्त में आयोजित फूलों की होली व बधाई गायन से सम्पूर्ण कार्यक्रम स्थल होलीमय हो गया व सभी सदस्य परिवार अपनी सुधबुध खोकर मध्य रात्रि तक होली का आनन्द लेते रहे। समिति संस्थापक शशिभानु गर्ग, अध्यक्ष दिनेशचन्द अग्रवाल, मंत्री पराग गुप्ता सभी को होली की बधाई दी गयी।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शशिभानु गर्ग, दिनेश चन्द अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, केशवदेव अग्रवाल, पराग गुप्ता, मनोज अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, राजगोयल, ब्रजेश गर्ग, कृष्ण गोपाल बिसाबर, सचिन चैधरी, जोनी अग्रवाल, गिरधारी अग्रवाल, रीतेश अग्रवाल, मनोज अग्रवाल नमक वाले, सुनील अग्रवाल, लोकेश तायल, मोहनलाल अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, सचिन ठेकेदार, नन्दकिशोर अग्रवाल, मुकेश गुप्ता आदि उपस्थित थे।













Related Items
रंग बरसे' फिर से - 4 दशक बाद भी होली के रंग को और गाढ़ा करता है यह आइकॉनिक सॉन्ग
10 दिन तक चली थी 'शोले' के होली सॉन्ग की शूटिंग, बिना मेकअप सेट पर रंग लगाए घूमते थे कलाकार
प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आलिया भट्ट ने पहनी रामायण के रूपांकनों से सजी हुई साड़ी