देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा। जिले के वृंदावन स्थित गोपीनाथ मंदिर में मंगलवार को पूर्वान्ह सुलभ इंटरनेशनल की टीम एवं संस्थापक ने इस बार सैकड़ों विधवा महिलाओं के साथ होली खेली। जिसमें विधवाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हुए इस होली के दौरान जिंदगी के रंगों से दूर रही विधवाओं की जिंदगी में एक नया रंग नजर आया और इस उमंग में होली के गीतों पर सभी विधवा महिलाएं थिरकने लगी।
मंगलवार को जानी मानी सुलभ इंटनेशनल ने फिर चैथी बार बार विधवाओं को खुशी देने तथा उनके जीवन में रंग भरने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए संस्थापक बिंदेश्वर पाठक तथा उनकी टीम ने वृंदावन के गोपीनाथ मंदिर में विधवाओं के साथ होली खेली तथा सभी विधवाओं ने आपस में गले मिल फूलों तथा गुलाल से जमकर होली खेली। इस अवसर पर वाराणसी की विधवाओं ने भी होली खेली। विदित हो कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विधवाओं की स्थिति के बारे में 2012 की गई टिप्पणियों के बाद से सुलभ इंटरनेशनल वाराणसी व वृंदावन में विधवाओं की देखरेख करता चला रहा है। बिधवाओं ने बताया कि इस होली पर्व पर हम सब अपने परिवार के रूप में मनाते है, जितनी भी महिला विधवा आश्रम में है,तथा हमने जिनको निमंत्रण देकर बुलाया है उनके साथ हम अपनी खुशी व होली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। सुलभ के संस्थापक विधवा विरोधी मान्यताओं के विरोध करते चले आ रहे हैं।
इस दौरान इनके होली खेलने के लिए 1500 किलो फूल और 1200 किलो अबीर-गुलाल की व्यवस्था की गई। सफेद साड़ी पहनकर सुबह से ही इन महिलाओं का गोपीनाथ मंदिर शुरु हो चुका था। सालभर के बाद एक बार फिर रंगो का त्यौहार मनाने का मौका मिला तो चेहरे पर रौनक खिल गई। ठाकुरजी के साथ होली खेलने के बाद महिलाओं ने आपस में जमकर पहले फूलों की पंखुड़ियों से होली खेली इसके बाद अबीर-गुलाल की होली खेली गई।













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