देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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गोपेश्वर महादेव एवं बनखण्डेश्वर महादेव मंदिर पर उमड़ा आस्था का सैलाब
श्रद्धालु भक्तों ने जल, दूध, बेलपत्र चढ़ाकर की शिव जी की अराधना
वृंदावन। आस्था की नगरी वृंदावन में बुधवार को महाशिवरात्रि की धूम रही । नगर के शिव मंदिरों में आज प्रात काल से ही भक्तों का सैलाब उमड़ ना शुरू हो गया। सुप्रसिद्ध गोपेश्वर महादेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तो ने शिव जी पर दूध, जल, बेलपत्र आदि से पूजा अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित किया। तो वही हजारों की संख्या में अन्य जनपदों से आये कावड़ियों ने शिव जी पर जल चढ़ाकर मनोती मांगी। इतना ही नहीं शिव जी की आराधना को बड़ी संख्या में महिला भक्त भी जेयर चढ़ाने गोपेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। हालांकि इस बार वृंदावन में महाशिवरात्रि का पर्व मंगलवार और बुधवार दो दिन मनाया गया। इसके बावजूद भी बुधवार को गोपेश्वर महादेव मंदिर में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा की व्यवस्था बनाने में स्थानीय गोस्वामियों के साथ पुलिस प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इधर मंदिर में जल चढ़ाने आये कुछ श्रद्धालुओं की गलती की वजह से कयी भक्त घायल हो गये। रास्ते मे पड़े जलेड़ी के कांच के टुकड़ो की वजह से भक्तों को काफी परेशानी हुई। वही पुलिस कर्मी भी कांच के टुकड़ों को एक तरफ कर श्रद्धालुओं को समझाते दिखाई दिए। महाशिवरात्रि पर गुजरात से आए श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें मंदिर में दर्शन कर बहुत अच्छा लग रहा है पहली बार गोपेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करने आए हैं उन्होंने दर्शन कर गहरी प्रसन्नता व्यक्त वहीं एक अन्य महिला श्रद्धालुओं ने कहा कि शिवजी के दर्शन कर बहुत आनंद की अनुभूति हो रही है खासकर आज के दर्शन तो बहुत ही अद्भुत है। वहीं महाशिवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गोपेश्वर महादेव मंदिर के सेवायत राम गोपाल गोस्वामी ने बताया कि महाशिवरात्रि की अर्द्धरात्रि में भगवान शंकर ने सृष्टि के आरंभ में अवतार दिया था।













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