देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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बांकेबिहारी मंदिर सहित प्रमुख मंदिरों में सांयकाल आराध्य ने नहीं दिए दर्शन
सुबह 8 बजे तक ही भक्तों को मिले दर्शन, 8 बजे के बाद बंद हो गए मंदिर पट
वृन्दावन। मंदिरों की नगरी वृन्दावन में बुधवार को चंद्रग्रहण के कारण भक्त अपने आराध्य के दर्शनों को तरसते दिखाई दिए। नगर के कई प्रमुख मंदिर बुधवार को अपने निर्धारित समय सारणी से अलग खुले। मंदिरों में सेंवायतों ने चंद्रग्रहण को देखते हुए बुधवार को सुबह 4 बजे ही मंदिर पठ खुल दिय। कड़कडाती ठंड में अपने आराध्य के दर्शन करने के लिए भक्त पहंुचे। नगर के प्रमुख बांकेबिहारी मंदिर, ठाकुर राधाबल्लभ मंदिर, राधारमण मंदिर, राधा दामोदर मंदिर, इस्कान मंदिर, प्रेम मंदिर, गोकुलनानंद मंदिर आदि मंदिर-देवालयों में चद्रंग्रहण के कारण भक्तों को बुधवार को पूरे दिन दर्शन नहीं मिले। सुबह मंदिर सेवायतों ने 8 बजे पूजा-सेवा-आरतीकर मंदिरपठ बंद कर दिए। चंद्रग्रहण के कारण मंदिर दर्शन समय परिवर्तित होनंे की जानकारी न होने के कारण अनेकों भक्त अपने आराध्य के दर्शन पाने के लिए तरसते दिखाई दिए। सांयकालीन सेवा पूजा पूरी तरह से ब्रज के मंदिरों में चंद्रग्रहण के कारण प्रतिबंधित रही। मंदिर क्षेत्र के साथ नगर के कई प्रमुख बाजारों में भी दुकानें आदि बंद रहने से पूरे दिन सन्नाटा परसा रहा।
बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत मयंक गोस्वामी ने बताया कि भारतीय एवं ब्रज संस्कति एवं हिंदू सनातन धर्म परपंरा में चंद्रग्रहण एवं सूर्यग्रहण के समय पूजा सेवा के साथ कई कार्यो को करना वर्जित माना गया है। उन्होंने बताया कि बांकेबिहारी मंदिर में चंद्रग्रहण के कारण पूजा सेवा का समय परिवर्तित किया गया। सूतक लगने से पहले ही आराध्य की आराधना प्रतिदिन की भांति की गई।













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