देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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बैठक कर मंदिर अधिग्रहण के विरोध में सरकार को चेताया
वृन्दावन। सरकार द्वारा गोवर्धन में मंदिरों के अधिग्रहण को लेकर नगर के तीर्थ पुरोहितों ने नाराजगी व्यक्त की है इस संबंध में मंगलवार को बृजवासी तीर्थ पुरोहित पण्डा सभा के बैनर तले एक बैठक का आयोजन कैम्प कार्यालय पर किया गया। जिसमें ब्रजमंडल के विकास के नाम पर मंदिरों के अधिग्रहण का विरोध किया गया। गोवर्धन के दानघाटी मुखारविंद तथा जतीपुरा के प्राचीन मंदिर देवालयों के अधिग्रहण को लेकर सभा के अध्यक्ष नंद कुमार पाठक ने कहा की सरकार तीर्थ तथा मंदिर व परिक्रमा का विकास करें। तीर्थों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कार्य करें। इसके लिए पूरा सहयोग किया जाएगा परंतु विकास के नाम पर तीर्थ स्थानों का अधिग्रहण हमें मंजूर नहीं है। मुरारी थोकदार एवं रामनारायण बृजवासी ने कहा कि सरकार का काम जनता के लिए सुविधा करना है ना कि तीर्थ तथा देवालयों को चलाना। सरकार हमें आंदोलन करने पर मजबूर ना करें। बंसी शुक्ला एवं योगेंद्र बृजवासी ने कहा कि कुछ समय पहले बांके बिहारी मंदिर के अधिग्रहण का प्रयास किया गया था। उस समय भी ब्रज के तीर्थ पुरोहितों ने इसका विरोध किया था अब सरकार गोवर्धन जतीपुरा के मंदिरों के अधिग्रहण का प्रयास कर रही है इसके विरोध में पूरा ब्रजमंडल तीर्थ पुरोहित, पुजारी, श्रद्धालु, सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। बैठक में कृष्ण चंद्र गौतम छीता गुरु ने 4 फरवरी को गोवर्धन में आयोजित महा सभा में सभी से शामिल होने का आह्वान किया। इस अवसर पर कृष्ण मुरारी मोतीवाला, मोनी बाबा, गोविंद पचैरी, सुरेश चंद्र शर्मा, भूरी सिंह, गोविंद गौतम, शरद पवार, राहुल बाबा, गोविंद शर्मा, महेश भारद्वाज, कन्हैया लाल, गिरधारी थोकदार, नीरज गौतम, कौशल गौतम, पप्पू बादशाह आदि मौजूद रहे।













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