देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा: आस्था की नगरी वृंदावन में आज सोमवार को बसंत पंचमी की धूम रही वृंदावन में विभिन्न स्थानों पर यह उत्सव उल्लास के साथ मनाया गया वही शाहजी मंदिर में भी बसंत पंचमी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। बसंत पंचमी के अवसर पर ठाकुर जी ने विश्वविख्यात बसंती कमरे में भक्तों को दर्शन दिए।
आज विश्व विख्यात शाहजी मंदिर मैं बसंत पंचमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी आज ठाकुर जी ने पीली रोशनी से सराबोर बसंती कमरे में भक्तों को दर्शन दिये। बसंत पंचमी के उपलक्ष में ठाकुर जी को पीले वस्त्र धारण कराए गए वहीं पीले ही रंग के छप्पन भोग अर्पण किये। इस कमरे की विशेषता यह है कि यह वर्ष भर में सिर्फ दो बार ही खुलता है एक तो बसंत पंचमी पर एवं रक्षाबंधन पर। बसंत पंचमी के अवसर पर बसंती कमरे विराजित ठाकुर जी के दर्शनों को बड़ी संख्या में आस्था का सैलाब उमड़ता है आज भी मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ी शुरू हो गई। देर शाम तक ठाकुर जी के दर्शनों को भक्तों का तांता लगा रहा। इस संबंध में जयपुर से आयी महिला श्रद्धालु ने बसंती कमरे की सजावट और ठाकुर जी की अद्भुत दर्शन की जमकर प्रशंसा की वही हाथरस से आई महिला श्रद्धालु ने बताया कि उन्हें दर्शन करके बहुत आनंद मिला दर्शनों से पहले बहुत टेंशन थी लेकिन दर्शन करने के बाद बहुत आनंद आया।
इस संबंध में ज्यादा जानकारी देते हुए शाहजी मंदिर के सेवायत शाह प्रशांत कुमार ने बताया कि बसंत पंचमी का पर्व शाहजी मंदिर में बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है उन्होंने बताया कि बसंती कमरे का निर्माण सन 1860 को बसंत पंचमी के दिन ही शुरू हुआ था और सन 1868 में बसंत पंचमी के दिन ही मंदिर बनकर तैयार हुआ । तथा प्रथम दिवस बसंत बसंती कमरे में ही श्रीविग्रह की प्रतिष्ठा हुई थी.












