देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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वृंदावन- विश्व विख्यात ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में बसंत पंचमी पर श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य के साथ होली का जम कर आनंद लिया। श्रद्धालुओं में ठाकुर जी संग होली खेलने की आतुरता देखते ही बन रही थी। मंदिर परिसर में ठाकुर जी ने भक्तो के साथ ऐसी होली खेली की सम्पूर्ण मंदिर परिसर गुलाल के गुलछल्लो में सराबोर दिखाई दिया। श्रद्धालु भी रंग में सराबोर होकर अपने को धन्य महसूस कर रहे थे।
बताते चलें कि ब्रज में बसंत पंचमी से होली का ढांडा गढ़ने के साथ ही पूरे ब्रज में 40 दिनों तक हर्षोल्लास के साथ होली का उत्सव मनाया जाता है। आज सोमवार को बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा हर कोई अपने आराध्य के साथ होली खेलने को आतुर दिखाई दिया श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य के साथ रंग गुलाल उड़ाकर होली का आनंद लिया । जैसे ही मंदिर परिसर में रंग गुलाल की अद्भुत छटा बिखरी सम्पूर्ण मंदिर परिसर बाँके बिहारी के जयकारों से गूंजने लगा। बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में बांके बिहारी मंदिर में खास तैयारियां की गई । संपूर्ण मंदिर परिसर को बसंती रंग में सजाया गया वही अपने आराध्य के साथ होली खेलने को भक्तो का तांता लगा रहा।
एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि वह यहाँ पिछले 10 वर्षों से होली खेलने आती हैं और यहां आकर उन्हें एक सुखद अनुभूति होती है उन्होंने बताया कि ब्रज की होली प्रेम की होली है और वह यहां पूरे 40 दिन तक होली का आनंद उठाती हैं ।
बांके बिहारी मंदिर के सेवायत आशीष गोस्वामी ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन से ही यहां होली का उत्सव मनाया जाता है श्रद्धालु अपने आराध्य के साथ होली खेलकर धन्य होते है । बसंत पंचमी के अवसर पर मंदिर को बसंती फूलों से सजाया जाता है यहां देश ही नहीं विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु होली खेलने आते हैं उन्होंने बताया कि होली का उत्सव वृंदावन में बसंत पंचमी से शुरू होकर 40 दिन तक पूर्णिमा तक चलता है.













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