देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा। शहर के विश्राम घाट पर आज पंडा समाज के लोगों में मकर सक्रान्ति पर आ रहे दान के बटवारें को लेकर एक ही समाज के दो पक्षों में जमकर लाठी डंडें चलें। विश्राम घाट पर अचानक चलें लाठी डन्डों से वहाॅ भगदड़ मच गई वहीं दान पुण्य करने आये लोग अपने कार्य को किये बिना ही अपने घर वापस लौट गये। सूचना पर पहुंची पुलिस को देख दोनो पक्ष मौके से भाग निकलें। शहर में दिनदहाड़ें धरार्मिक स्थल पर हुई इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैंल गई। शहर में यह घटना आज पूरे दिन चर्चा का विषय बनी हुई हैं। मकर संक्रांति के अवसर पर धर्म परायण लोग दान आदि कर पुण्य लाभ कमाते हैं। मथुरा में इस अवसर पर बाहर से भी लोग आते हैं और स्थानीय लोग भी दान पुण्य करते हैं। श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे को हासिल करने के लिए आज शहर के विश्राम घसाट पर स्थानीय पंडों में विवाद भी होते रहते हैं। लेकिन आज मकर संक्रांति के अवसर पर यमुना के विश्राम घाट पर बात कुछ ज्यादा ही बढ़ गई। यहां चढ़ावे को लेकर पंडों में इस कदर मारामारी मच गई कि वे लाठी-डंडे लेकर एक दूसरे पर हमला करने लगे। इस मारामारी से पुण्य तीर्थ पर भय का वातावरण उत्पन्न हो गया। कई लोग इस दौरान यमुनास भी गिर गये। इस प्रकार की घटनाओं से धार्मिक नगरी मथुरा की छवि खराब होती है और दान एवं चढ़ावे की मारामारी के चलते श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी ठेस पहुंचती है। इसलिए आवश्यकता इस बात की है कि न सिर्फ पुलिस प्रशासन वरन् तीर्थ पुरोहित सभा को भी ऐसे मामलों में एक्शन लेना चाहिए। पंडा समाज में लाठी डन्डें की सूचना पर पहुंची पुलिस तो सभी झगड़ा कर रहें लोग मौके सेक भाग गये।













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