देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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देश के अमर सपूतों बलिदानी शहीदों के सम्मान को उमड़ा जनसैलाव
मथुरा। हाथों में तिरंगा लिए छात्र-छात्राओं की लंबी कतार, दूर तक नजर जाती बस तिरंगा ही नजर आता। सुबह की हल्की सर्दी में बच्चों ने देशभक्ति की ऐसी तान बखेरी की रोम-रोम देशभक्ति के जुनून में डूब गया। मौका था स्वामी विवेकानन्द की 155 वीं जयंती के मौके पर 10 हजार मीटर लंबी तिरंगा श्रृंखला का। तिरंगा श्रृंखला में देश के अमर शहीदों के वंशजों ने भाग लिया। अमर शहीदों के वंशज इस अनूठे आयोजन व बच्चों के जज्बे को देखकर भाव-विभोर हो उठे।
देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने वाले शहीदों के सानिध्य में राष्ट्रप्रेमियों ने 10 हजार मीटर लम्बी तिरंगा श्रृंखला बनाकर रिकार्ड बनाया। हजारों छात्र-छात्राओं ने 10 किमी लम्बे राष्ट्रध्वज को एक संग थामकर दीवानगी का कीर्तिमान स्थापित किया। इस अनूठे आयोजन के सूत्रधार शनिधाम मुड़ेसी के महंत स्वामी विजयानंद सरस्वती रहे, जिन्होंने स्वामी विवेकानंद जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में यह आयोजन किया।
शुक्रवार को हाईवे पर भरतपुर मोड़ से लेकर गिरिराज महाराज कालेज तक तिरंगा श्रृंखला बनाई गई। महंत ने इस आंदोलन में शहीद चंद्रशेखर आजाद के वंशज सुजीत आजाद, राम प्रसाद बिस्लिम के वंशज राजबहादुर सिंह, दुर्गा सिंह के वंशज विजय सिसौदिया, लोकमान्य तिलक के वंशज शैलेश तिलक, मंगल पांडेय के वंशज रघुनाथ पांडेय, अमित आजाद, भगत सिंह वंशज किरन जीत सिंह, सुखदेव थापर के वंशज अनुज थापर, राजगुरु के वंशज सत्यशील राजगुरु, दीप दयाल के वंशज मधु शर्मा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के वंशज, राजश्री चैधरी, तात्या टोपे के वंशज सुभाष टोपे, ऊधम सिंह के वंशज ज्ञान सिंह, रामकृष्ण खत्री के वंशज उदय खत्री, बहादुरशाह जफर के वंशज मो. सैफ खान संग वीर चक्र विजेता कर्नल तेजेंद्रपाल त्यागी को बुलाया।
इस विशाल आयोजन में सैकड़ों राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी, सिद्ध शनि मंदिर भक्त, श्रीश्री विद्याधाम श्रीशनि मंदिर मुडे़सी के हजारों भक्त, स्कूल-कॉलेजों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं व हजारों देशवासी शामिल हुए। इस दौरान हजारों ग्रामीणों ने शहीद-क्रांतिवीरों के वंशजों, तिरंगा-राष्ट्रप्रेमियों, संतों तथा सेवकों के साथ भारत माता की जय-जयकार, शहीद वंशज जिंदाबाद, शहीद अमर रहे की सामूहिक आवाजें बुलंद कर जमीन और आसमान गुंजायमान किया।
तिरंगा श्रृंखला ने गणतंत्र दिवस से पूर्व ही जिले को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। छात्राओं का जज्बा देखने लायक था, हर कोई तिरंगा श्रृंखला का गवाह बनने के लिए लालायित था।













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