देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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गोवर्धन में श्राइन बोर्ड के गठन और मंदिरों के अधिग्रहण के प्रस्ताव का विरोध तेज
मथुरा। उत्तर प्रदेश सरकार के धर्मार्थ कार्य विभाग द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशानुसार गोवर्धन पर्वत के संरक्षण एवं सुरक्षा के लिए किए गए श्राइन बोर्ड के गठन और श्री गिर्राज मुखारबिंद दानघाटी, जतीपुरा और दसबिसा मंदिरों के अधिग्रहण एवं प्रबंधन की व्यवस्था के प्रस्ताव का विरोध दूसरे दिन और तेज हो गया। सरकार के इस निर्णय के विरोध में गोवर्धन का पंडा समाज लामबंद हो गया है और उसने कल सरकार के खिलापफ संघर्ष का बिगुल पफूंकते हुए दानघाटी मंदिर पर प्रदर्शन किया था और सरकार विरोधी नारे भी लगाए थे इसी श्रंखला में दानघाटी मंदिर के पंडा समाज के बाद गुरूवार मुकुट मुखारविंद मंदिर के सेवायत भी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आए। मुकुट मुखारविंद मानसी गंगा के सेवायत और पंडाओं ने सरकार के खिलाफ बैठक कर जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। सेवायत और पंडाओं ने योगी सरकार और मथुरा-वृंदावन के विधायक एवं प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही दसविसा मंदिर के सेवायतों द्वारा विरोध-प्रदर्शन रैली भी निकाली गई। सेवायतों का कहना है कि हमारा रोजगार सिपर्फ मंदिर ही हैं। अगर इनका भी सरकार अधिग्रहण कर लेगी तो हमारे 5000 परिवार हैं, वे भूखे मर जाएंगे और हम ऐसा होने नहीं देंगे जिसके कारण आज हम सभी सेवायत और पंडाओं के परिवार सड़क पर उतर आए हैं। अगर हमें हमारा हक नहीं दिया गया तो हम जन आंदोलन करेंगे, चाहे हमें इसके लिए कहीं तक जाना पड़े, हम जाएंगे।













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