देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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वृंदावन। वृन्दावन के छीपी गली स्थित प्रिया वल्लभ मंदिर में आज ठाकुर प्रिया वल्लभ लाल महाराज का 204वां पाटोत्सव श्रद्धा के साथ मनाया गया। पाटोत्सव के उपलक्ष में एक विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। जिसमें नगर के नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ वृंदावन के प्राचीन स्वरूप के संरक्षण को लेकर मंत्रणा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मोहन गौतम की काव्य पाठ श्री राधा बल्लभ की वंदना से हुआ। रविवार से शुरु हुए दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन की सुबह मंदिर प्रांगण में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ ध्वजा रोहण किया गया। इसके साथ ही नगर निगम के नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ वृन्दावन में बढ़ती आधुनिकता के चलते घट रहे प्राचीन स्वरूप पर चिंता व्यक्त की।
इस संबंध में मंदिर के सेवायत आचार्य विष्णु मोहन नागार्च ने जानकारी देते हुए बताया कि आज ठाकुर प्रिया वल्लभ लाल महाराज का 204वां पाटोत्सव मनाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत नगर के सभी नव निर्वाचित पार्षदों के साथ वृंदावन के प्राचीन स्वरूप के संरक्षण को लेकर चर्चा की है। उन्होंने दो दिवसीय पाटोत्सव के संबंध में बताया कि आज कार्यक्रम की शुरुआत सुबह मंदिर प्रांगण में ध्वजारोहण के साथ कि वहीं दूसरे दिन के बारे में मंदिर में होने वाले समाज गायन एवं प्रसाद वितरण के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर वृन्दावन शोध संस्थान के डायरेक्टर डाॅ. दीक्षित, डाॅ. जयस, बिहारी लाल वशिष्ठ, डाॅ.राजेश शर्मा, पवन यादव, राधाकृष्ण पाठक, राहुल अधिकारी, वैभव अग्रवाल, रसिक बल्लभ नागार्च, लीला ठाकुर, हेमंत भारती, मुन्ना निषाद आदि मौजूद रहेे।













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