देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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बेटियों के मान-सम्मान के लिये अम्बाला से पदयात्रा पर निकली प्रतिभा पहुँचीं वृन्दावन, शांति सेवा धाम पर हुआ स्वागत
वृन्दावन । समाज में बेटियों की घटती संख्या और उनके प्रति सौतेले व्यवहार से व्यथित प्रतिभा सैंगर ‘बेटी बचाओ-बेटी बढ़ाओ’ का संदेश देने के लिये 450 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकली हुई हैं । वे 19 को अम्बाला से 380 किलोमीटर से ज्यादा पैदल सफर कर बुधवार देर सांय छटीकरा मार्ग स्थित शांति सेवा धाम पहुँचीं । गुरूवार प्रातः प्रियाकान्तजू मंदिर के दर्शन पश्चात प्रसाद ग्रहण कर उन्होने आगरा के लिये प्रस्थान किया ।
इससे पूर्व विश्व शांति सेवा चैरीटेबल ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा बेटियों का मान-सम्मान बढ़ाने के लिये पदयात्रा कर रहीं प्रतिभा सैंगर का माल्यापर्ण कर स्वागत किया । शांति सेवा धाम प्रभारी रवि रावत ने सफल यात्रा की शुभकामनाऐं दीं । वहीं समाजसेवी लक्ष्मी गौतम ने पटका पहनाकर उनका सम्मान किया ।
सम्मान से अविभूत प्रतिभा ने कहा बेटियाँ कमजोर नहीं है वे इच्छा शक्ति के बल पर कुछ भी कर सकती हैं । लेकिन आज उन्हें जन्म लेने से पहले गर्भ में ही खत्म कर दिया जाता है। लोग यह कहते हैं कि बेटों से वंश चलता है लेकिन उन्हें यह भी समझना होगा कि वंश बढ़ाने के लिये बेटा ही नहीं बल्कि बेटियाँ भी जरूरी हैं। आज बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं हैं।
पैरों में छाले पड़ने से धीमी गति से यात्रा कर रही प्रतिभा ने कहा कि वृन्दावन की पावन भूमि पर कदम रखते ही नवीन ऊर्जा का संचार होने लगा है । उन्होने उत्सावर्धन करने वाले सभी लोगों का आभार जताया ।
इस अवसर पर दाऊदयाल महाराज, गजेन्द्र सिंह, एस. के. दास, विष्णु शर्मा, मीडिया प्रभारी जगदीश वर्मा, वी. के. कौशिक, विक्की, अजय दुबे, धमेन्द्र सिंह, अजय दुबे आदि उपस्थित थे ।
परिवार के साथ सेना के दो जवान भी दे रहे हैं साथ-
लोगों में बेटियों के प्रति संजीदा संदेश फैलाने के लिये सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल रही प्रतिभा की धुन में उनका परिवार भी शामिल हैं । सेना के दो जवान भी दम्पत्ति के इस नेक इरादे में उनके साथ चल रहे हैं । प्रतिभा के पति मनीष सैंगर आर्मी में लैफ्निेंट कर्नल हैं, वे 20 दिनों की छुट्टी लेकर उनके साथ चल रहे हैं । उनके दो बच्चे 10 वर्षीय बेटा एरोन और 5 वर्षीय बेटी एवनेर भी सर्दियों की छुट्टियाँ इस पदयात्रा में बिता रहे हैं । यह बच्चे प्रतिदिन कुछ दूरी अपनी माँ के साथ तय करते हैं । इस अनौखी मुहिम के सफर में सहायता के लिये मनीष की यूनिट के दो जवान एम.के थामस और एस. चैन्ना लक्ष्मण ने भी छुट्टियाँ ली हुई हैं। पेशे से टैक्सटाईल डिजायनर प्रतिभा सैंगर अम्बाला से चंण्डीगढ़ और अम्बाला से दिल्ली तक पदयात्राऐं कर चुकी हैं ।













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