देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
वृन्दावन। वात्सल्य ग्राम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास साध्वी ऋतम्भरा ने कथा के तीसरे दिन नरसिंह अवतार की कथा का श्रवण कराते हुये कहा कि भगवान मन्दिरों की अपेक्षा भक्तों के हृदय में अधिक वास करते हैं। और जो भक्त अपने को ईष्वर को समर्पित कर देते हैं उसकी चिन्ता स्वयं भगवान करने लगते हैं। दुष्टों, पापियों के संहार के लिए चाहे जो रूप लेना पड़े ईष्वर आते ही हैं। भगवान ने दस अवतार लिये हैं दसों में अलग-अलग रूपों में अवतार लिया है। अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए नरसिंह का अवतार लेकर हिरणकष्पु का वध किया। जिस प्रकार टूटा हुआ चावन पूजा में नहीं चढ़ता उसी प्रकार अधूरे मन की गयी पूजा अर्चना ध्यान ईष्वर को स्वीकार नहीं होता है। कथामृत पान करने से जीवन धन्य बनता है। अतः जब भी जहाॅं भी मौका मिले कथा श्रवण करना चाहिए सतसंग में जाना चाहिए। इससे हमारे मन को शान्ति तो मिलेगी ही बच्चों को संस्कार मिलेगें। साध्वी ऋतम्भरा द्वारा भक्तों को 31 दिसम्बर तक प्रातः 9.30 से दोपहर 12.30 बजे तक कथा का श्रवण कराया जायेगा। इस अवसर पर रासलीला का आयोजन किया जिसमें कलाकारों कृष्ण-गोपियों का, मयूर नृत्य, फूलों की होली खेलकर दर्षकों को मन्त्र मुग्ध कर दिया। इस अवसर पर चाडक्य परिवार एवं अन्या वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।













Related Items
मथुरा के इस्कॉन मंदिर में सदस्यता रसीदों का घोटाला, एफआईआर दर्ज
धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है मथुरा-वृंदावन : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
MATHURA : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज आएंगे मथुरा