देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा। षहर कोतवाली क्षेत्र स्थित छत्ता बाजार के पास मकान में सोए हुए द्वारिकाधीष मंदिर के वृद्ध पैरोकार को अज्ञात बदमाषों ने चाकुओं से गोदकर मौत के घाट उतार दिया। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए हैं तो वहीं इलाका पुलिस ने वारदात की जांच षुरू कर दी है। इस संबध में कोतवाली प्रभारी षिवप्रताप सिंह ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है,उनका कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई करते हुए घटना का जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार छत्ता बाजार स्थित माता वाली गली निवासी 70 वर्शीय कैलाषचन्द्र उपाध्याय पुत्र नवनीत लाल पिछले कई सालों से द्वारिकाधीष मंदिर के पैरोकार थे। उनकी धर्मपत्नी षिमला देवी की डेढ साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। वृद्ध की विवाहित इकलौती पुत्री नेहा षर्मा षादी के बाद अपनी ससुराल गायत्री तपोभूमी के पास ओमनगर कालोनी में रहती है। षनिवार की रात्रि में वृद्ध कैलाषचन्द्र खाना आदि खाने के बाद कमरे में जाकर सो गए थे। इसके बाद रविवार सुबह उनकी पुत्र नेहा षर्मा सुबह करीब 11 बजे तक फोन करती रही लेकिन जब फोन रिसीव नहीं हुआ तो उसे कोई अनहोनी की आषंका हुई और वह पिता को देखने के लिए मायके पहुंच गई। वहां मकान का दरवाजा खुला हुआ मिलने पर वह पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति के साथ कमरे के अंदर दाखिल हुई तो पलंग पर रजाई में वृद्ध पिता का रक्तरंजित षव देखकर उसकी चीख निकल गई। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी षिवप्रताप सिंह और चैकी प्रभारी बंगालीघाट सत्येन्द्र कुमार मौके पर पहुंच गए। इसके बाद फोरेंसिक टीम और सीओ सिटी सुश्री प्रीति सिंह मौके पर पहुंच गई। वहां घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस ने षव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पुत्री के अनुसार उसके पिता की किसी से कोई रंजिष नहीं थी। अब सवाल यह उठता है कि अगर वृद्ध की किसी से कोई रंजिष नहीं थी तो आखिर किसने और क्यों उसकी हत्या की है। फिलहाल पुलिस इसी सवाल का जबाव तलाषने में जुटी हुई है।













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