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जयपुर। प्रदेश में सेवारत डॉक्टर्स की हड़ताल मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रही। राजस्थान हाईकोर्ट ने सेवारत डॉक्टर्स को हड़ताल तोड़ तुरंत काम पर लौटने का निर्देश दिया है। वहीं सरकार को उनकी गिरफ्तारी नहीं करने को कहा है। इधर सरकार की ओर से डॉक्टरों को आश्वस्त किया गया है कि काम लौट आओ, गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। वहीं रेजिडेंट डॉक्टरों के फेडरेशन ने मांगें नहीं माने जाने पर देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने सेवारत चिकित्सकोंं एवं रेजिडेंट्स से तत्काल काम पर लौटने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर लौटने वाले डाक्टरों की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों को सुरक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सेवारत डॉक्टर्स गिरफ्तारी के डर से फोन बंद कर भूमिगत रहे। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद देर रात तक सेवारत चिकित्सकों ने हड़ताल तोड़ने या जारी रखने के संबंध में कोई फैसला नहीं किया।
उधर, अपनी मांगों के साथ सेवारत चिकित्सकों के समर्थन में उतरे रेजीडेंट डॉक्टर्स पर सख्ती की गई है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मंगलवार को आदेश दिए कि 20 दिसंबर को सभी रेजीडेंट्स काम पर लौट जाएं, नहीं आने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ रेजीडेंट्स का कहना है कि प्रशासन उनको धमकाए नहीं। डराने से डरने वाले नहीं हैं। हड़ताल जारी रहेगी।
प्रदेश में फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (फोर्डा) ने भी सेवारत डॉक्टरों की हड़ताल का समर्थन दिया है। फोर्डा के अध्यक्ष डॉ.विवेक चौकसे और महासचिव डॉ.मनीष निगम के अनुसार राजस्थान सरकार ने यदि शीघ्र ही सेवारत डॉक्टरों की मांगें नहीं मानी गई तो, देशभर के रेजिडेंट हड़ताल पर चले जाने की चेतावनी दी है।
साभार-khaskhabar.com













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