देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreसौंख। भागवत धर्म चेतना मिशन चैरिटेबिल ट्रस्ट मथुरा के तत्वावधान में आयोजित श्री मद् भागवत कथा के पांच वेें दिन बहुत ही सुन्दर कथा का वर्णन किया गया। जिसमें भगवान गोवर्धन पूजा, बाल लीलाएं का वर्णन हुआ। इस मौके पर भागवताचार्य श्रीकृष्ण आचार्य ने कहा कि ब्रज में जब इन्द्र भगवान ने चारों ओर तेज वर्षा कर दी थी। तब भगवान श्रीकृष्ण ने कन्नी उगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों को तेज वर्षा के बचाया था। तभी से हमारे ब्रज में गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। और भगवान की जन्मस्थली मथुरा में श्रीकृष्ण ने तमाम बाल लीलाएं की। भगवान का बाल रूप बडा ही मनोहारी रहा है और उतनी ही मन का हरने वाली उनकी लीला रहीं हैं। इस दौरान गौ सेवा के प्रति भक्तों को प्रेरित किया। हमारा देह है कि गौ संरक्षण का दायित्व है। इसके लिये घर-घर में गौ-पालन होना चाहिए। और गौदुग्ध ही प्रयोग में लाना चाहिए। कथा में स्थानीय कस्बावासियों का सहयोग सराहनीय रहा।













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