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वेटनरी विवि में मनाया गया विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस
रबी फसल उत्पादन जागरुकता अभियान एवं प्रदर्शनी का भी हुआ आयोजन
वैज्ञानिकों ने किसानों-पशुपालकोें से सीधे संवाद कर समस्याओं का किया निस्तारण
किसानों को दिखाई गई मृदा परीक्षण से संबंधित लघु फिल्म
मथुरा। उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विवि एवं गो अनुसंधान संस्थान, मथुरा द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र, दुवासु मथुरा द्वारा मंगलवार को वेटनरी विवि के ग्राउंड में कुलपति प्रो के.एम.एल. पाठक की अध्यक्षता में विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस तथा रबी फसल उत्पादन जागरुकता अभियान एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को मृदा परीक्षण के लिए प्रेरित किया गया तथा किसानों एवं पशुपालकों से वैज्ञानिकों ने सीधा संवाद करके उनकी समस्याओं का निस्तारण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बलदेव क्षेत्र के विधायक पूरन प्रकाश, गोवर्धन क्षेत्र के विधायक कारिंदा सिंह, विवि के कुलपति प्रोफेसर के.एम.एल.पाठक व कृषि विज्ञान केन्द्र के अध्यक्ष डा. एस.के मिश्रा ने संयुक्त रुप से फीता काटकर व मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके किया। मुख्य अतिथि बलदेव क्षेत्र के विधायक पूरन प्रकाश ने कहा कि किसानों की आमदनी बढाने के लिए मृदा परीक्षण पहला कदम है। जो हर किसान को कराना चाहिए। सरकार की योजनाओं का बखान भी किया। विशिष्ट अतिथि गोवर्धन क्षेत्र के विधायक ठाकुर कारिंदा सिंह ने किसानों को आगाह करते हुए कहा कि यदि किसानों ने मिटटी परीक्षण पर ध्यान नहीं दिया तो एक दिन फिर ऐसा आयेगा कि हमें खाने के लिए अनाज दूसरे देशों से मंगाना पडेगा। फसलों मेें अंधाधुंध रसायनों का प्रयोग कम करके कम्पोस्ट खाद को डालें। कुलपति प्रोफेसर के.एम.एल. पाठक ने कहा कि खेतीबाडी और पशुपालन चोली दामन का साथ है, दोनो एक दूसरे के पूरक है। किसानों एवं पशुपालकों के हित के लिए विवि सदैव तत्पर है। वो अपनी राय दें और कृषि व पशुपालन क्षेत्र के वैज्ञानिकों से लाभ उठाएं। उनकी हर समस्या का समाधान तत्काल किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्र के अध्यक्ष डा. एस.के. मिश्रा ने किसानों को रबी फसलों की नवीनतम तकनीकी की जानकारी देते हुए किसानों से सीधे संवाद करके उनकी समस्याओं का निस्तारण किया तथा मृदा स्वास्थ्य के विषय में विस्तार से अवगत कराया। दीनदयाल धाम के निदेशक राजेन्द्र सिंह ने कहा कि जैसा खाओेगे अन्न, वैसा रहेगा मन। फसलों में किए जा रहे रसायनों का बुरा असर मानव के स्वास्थ्य पर पड रहा है। उप कृषि निदेशक धुरेन्द्र सिंह ने सरकारी योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वेटनरी विवि के डा. रजनीश सिरोही, डा. विनोद सिधू , डा. मुकेश श्रीवास्तव, डा. अमित जायसवाल, डा.वाई.के.शर्मा, डा. ब्रजमोहन, डा. रविन्द्र कुमार राजपूत, किसान युवा मोर्चा भाजपा ठा0 महीपाल सिंह आदि ने किसानों एवं पशुपालकों से सीधे संवाद करके उनकी समस्याओें का समाधान किया। तथा कृषि विषय पर नवीनतम तकनीकी जानकारी दी।
केवीके द्वारा गांव बाटी के देवी सिंह, ज्ञानदेवी, रामबाबू, रामवीर, हरचरन, बच्चू सिंह, रमेश सहित 361 किसानों तथा कृषि विभाग द्वारा दौलतपुर दामोदरपुरा के किसान सुभाष, रामचरन, नरेन्द्र, सुनील, पूरन सिंह आदि किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। किसानों को मृदा परीक्षण की उपयोगिता के संबंधित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई । कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा 10 स्टालें लगाकर तकनीकी दी गई तथा संबंधित साहित्य भी वितरित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वेटनरी विवि के कुलपति प्रोफेसर के.एम.एल.पाठक ने तथा संचालन डा.वाई.के. शर्मा ने किया। इस मौके पर अधिष्ठाता डा. एस.के गर्ग, रजिस्टृार डा.पी.के. शुक्ला, निदेशक शोध अतुल सक्सेना, निदेशक प्रसार डा. सर्वजीत यादव, डा. बी.एल यादव,डा. दयाशंकर, सुधीर अग्रवाल, ओमप्रकाश, रीतराम, हीरा सिंह, तेजपाल, मोती सिंह, नगीना, पिंकी, दीपक तथा लगभग 800 किसानों व महिला किसानों ने भाग लिया।













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