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राजनेताओं के पोस्टर में अपनी फोटो लगाकर ओढ रखा था शराफत का चोला...

राजनेताओं के पोस्टर में अपनी फोटो लगाकर ओढ रखा था शराफत का चोला...जयपुर। जयपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करतेे हुए शातिर अन्तर्राज्यीय नकबजन गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में दो शातिर नकबजनों को गिरफ्तार किया है। 

 

चौंकाने वाली बात ये है कि यह शातिर नकबजन गिरोह बड़े-बड़े राजनेताओं के साथ अपनी फोटो लगाकर पोस्टर छपवाते थे। यह शातिर इन पोस्टरों को दीवारों पर चिपकाकर जनता-पुलिस की नजर में शराफत का चोला ओढकर रहते थे, ताकि कोई उन पर शक न कर सके। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक आईड़ी कार्ड भी बरामद किया है। पुलिस शक के आधार पर जब भी इन्हें दबोचने की कोशिश करती तो यह शातिर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का आईडी कार्ड़ दिखाकर पुलिस को चकमा देकर रफूचक्कर हो जाते थे।

 

डीसीपी वेस्ट अशोक गुप्ता के मुताबिक जयपुर के विभिन्न इलाको में लगातार नकबजनी की वारदातें सामने आ रही थी। नकबजनी की वारदातों पर लगाम कसने के लिए पुलिस की स्पेशल टीम अपराधियों पर अपनी नजर रखे हुए थी। करीब 70-80 सीसीटीवी फुटेज में एक मोटर साईकिल और कार देर रात अलग-अलग इलाकों में हर बार दौड़ते हुए नजर आई। हुलिए के आधार पर पुलिस ने कार और मोटर साईकिल नबरों के जरिए मामले की जांच पड़ताल करते हुए दो शातिर नकबजनो को गिरफ्तार कर लिया। 

 

दो दर्जन से ज्यादा वारदातें करना कबूली....

गिरफ्तार आरोपी अनिल कुमार सोनी उर्फ कुमार साहब और धनराज उर्फ अमित है। दोनों आरोपी मूलरूप से हैदराबाद के रहने वाले हैं। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी कई साल से जयपुर समेत अन्य राज्यों में चोरी और नकबजनी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने करीब दो दर्जन से ज्यादा नकबजनी और चोरी की वारदातों को अंजाम देना कबूल किया है। 

 

यूं शराफत का चोला ओढकर रहते थे बदमाश 

पुलिस के मुताबिक आरोपी अमित उर्फ धनराज पहले भी जयपुर में चोरी के मामले रंगे हाथों गिरफ्तार होकर जेल की हवा खा चुका है, लेकिन जेल से छूटने के बाद आरोपी फिर से चोरी और नकबजनी की वारदातों में लिप्त हो गया। चौंकाने वाली बात है कि आरोपी खुद को राजनैतिक दल का हिस्सा बताकर बड़े-बड़े राजनेताओं के साथ अपनी फोटो लगाकर पोस्टर छपवाते थे। इस पोस्टर को आरोपी शहर के अलग-अलग इलाकों में चिपका देते थे, ताकि कोई उन पर शक न कर सके। साथ ही, चोरी किए गए रूपयों के बल ही ये आरोपी राजनीति में अपना पैर पसारने में लगे हुए थे। 

 

मिला मानवाधिकार आयोग का फर्जी आईडी कार्ड ...

खास बात ये है कि पुलिस को आरोपियों के पास से एक मानवाधिकार आयोग का एक फर्जी आईडी कार्ड मिला है। वारदात को अंजाम देने के बाद जब आरोपी पुलिस की पकड़ में आता तो वह इस आईडी कार्ड को दिखाकर बच निकलता था। 

 

नकबजनी के लिए दूसरे राज्यों से बुलाता था बदमाश...

डीसीपी वेस्ट अशोक गुप्ता के मुताबिक आरोपी सरगना अनिल 20 साल जयपुर में ही रह रहा है। आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए दूसरे राज्यों से लड़कों को यहां पर बुलाता और अपने दूसरे मकान में ठहराता था। आरोपी अनिल इन लड़को के लिए खुद ही खाने पीने का इंतजाम करता था। 

 

नकबजन इन घरों को बनाते थे निशाना 

पुलिस के मुताबिक आरोपी शहर में उन मकानों को निशाना बनाते थे, जहां दिन में घर में लाइट जल रही होती थी। ताला लगे हुए घर में रखी गाड़ियों में धूल जमी होती थी या फिर घर के गेट पर तीन-चार दिनों को पेपर पड़े हुए होते हैं। भाड़े पर बुलाए गए ये सभी बदमाश पहले दिन में शहर के अलग-अलग इलाकों की रेकी करते थे और फिर रात में वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस से बचाने के लिए अनिल वारदात स्थल पर निगरानी रखता था। वारदात को अंजाम देकर सभी आरोपी अपने मकान पर सो जाते थे और चोरी के माल का बंटवारा कर और उसे सस्ते दाम में बेचकर जमकर अय्याशी करते थे। 

 

फिलहाल पुलिस ये शातिर नकबजन सलांखों के पीछे हैं। पुलिस को इन आरोपियों से और भी वारदातों के खुलासा होने की उम्मीद है। 

 

साभार-khaskhabar.com 

 

 

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