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बार एसोसिएशन में हुआ संविधान संशोधन

कन्हैया लाल बौहरे हॉल में आयोजित संविधान संशोधन पर एकत्रित हुए मथुरा बार एसोसिएशन के पदाधिकारी। लिए गए ऐतिहासिक फैसले

मथुरा, : मथुरा बार एसोसिएशन की साधारण सभा में संविधान समिति द्वारा बार संविधान संशोधन हेतु की गई सिफारिशों को ध्वनिमत से पारित कर दिया। मथुरा बार का संशोधित संविधान आज से ही लागू किया जाएगा। अब मथुरा बार के नए संविधान के तहत कोई भी अधिवक्ता एक पद पर दो बार से ज्यादा नहीं रह पाएगा तथा एक पद पर रहने के बाद उसी पद पर दुबारा पांच साल बाद ही चुनाव लड़ पाएगा। बार सदस्य की सदस्यता राशि अब चार सौ रुपये कर दी गई है। अधिवक्ता के निधन पर सहायता राशि तीन लाख की गई है। बार एसोसिएशन मथुरा के नवीन सदस्य अधिवक्ता को दो वर्ष के उपरान्त ही वोटिंग राइट व आर्थिक सहायता का अधिकार दिया जाएगा। साथ ही नवीन सदस्य को 3 वर्ष तक 100 रुपये वार्षिक शुल्क लिया जाएगा। नॉनप्रेक्टिसनरों की चेकिंग हेतु दस वायोमैट्रिक मशीनें लगेंगी। जिन बार के सदस्यों की पचास प्रतिशत से कम उपस्थिति रहेगी उनको नॉनप्रेक्टिसनर मानकर सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। 

बार के सभागार में आयोजित बार एसोसिएशन की साधारण सभा में बार द्वारा पूर्व में बनाई संविधान संशोधन समिति के वरिष्ठ सदस्यों ने अपनी सिफारिशें बार के सदस्यों के सामने रखीं, जिन पर पक्ष-विपक्ष में विचार विमर्श भी हुआ। दर्जनों अधिवक्ताओं ने अपनी बात दमदारी से भी रखी। बार के साधारण सदस्यों की राय सुनने के बाद बार के अध्यक्ष ब्रज गोपाल शर्मा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि एक पद पर कोई भी अधिवक्ता दो बार ही पदासीन रह सकता है। दो बार से ज्यादा एक पद पर अब कोई भी अधिवक्ता चुनाव नहीं लड़ पाएगा तथा एक पद पर रहने के बाद उसी पद पर वह दुबारा चुनाव पांच साल बाद ही लड़ पाएगा। बार सदस्य की सदस्यता राशि अब चार सौ रुपये कर दी गई है तथा संयुक्त सचिव पुस्तकालय के पद को समाप्त कर दिया गया है। अब आगामी मतदान केवल 6 पदों के लिए ही होगा। अधिवक्ता के निधन पर सहायता राशि तीन लाख की गई है। नॉनप्रेक्टिसनरों की चेकिंग हेतु दस वायोमैट्रिक मशीनें लगेंगी। जिन बार के सदस्यों की पचास प्रतिशत से कम उपस्थिति रहेगी उनको नॉनप्रेक्टिसनर मानकर सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। बार में अन्य भी महत्वपूर्ण संशोधन हुए हैं। सभागार में बार अध्यक्ष ब्रज गोपाल शर्मा, सचिव त्रिलोक चन्द्र शर्मा, अनिल गोस्वामी, संयुक्त सचिव मनोज शर्मा, आडीटर अलका शर्मा, कोषाध्यक्ष यशवंत सिंह तथा संविधान समिति के सम्मानित सदस्य अर्जुन सिंह, पूर्व सचिव नंद किशोर उपमन्यु, वरिष्ठ अधिवक्ता अर्जुन सिंह, पूर्व सचिव राधारमण उपाध्याय, चौधरी नरेन्द्र सिंह, रमेश शर्मा, महेश चन्द्र चतुर्वेदी, सुशील कुमार शर्मा, रामकुमार अग्रवाल, बनवारी लाल दिनकर, तनवीर अहमद खान, पूर्व अध्यक्ष किशन सिंह, पूर्व अध्यक्ष इन्द्र कुमार वशिष्ठ, पूर्व अध्यक्ष विजय पाल सिंह तौमर, पूर्व सचिव राजेन्द्र प्रसाद शर्मा, पूर्व सचिव साहब सिंह देशवार, पूर्व सचिव ब्रजेश कुंतल, पूर्व सचिव अजित तेहरिया, हरीहर शर्मा, कमलकांत उपमन्यु, हरीओम शर्मा, महेश शर्मा, राजकुमार शर्मा, अनिल शर्मा, ब्रजेश सारस्वत, नागेन्द्र पाठक, बच्चन लाल श्रीवास्तव, ओमवीर सारस्वत, योगेश तिवारी, रामगोपाल पटेल, राजेन्द्र माहेश्वरी, रविन्द्र, कृष्ण कुमार, दिलीप सारस्वत आदि उपस्थित रहे। 

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