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छात्रों को उद्यमिता की ओर अग्रसर करने हेतु जीएलए ई-सेल ने आयोजित किया वंडर वूमेन कार्यक्रम
मथुरा। छात्र-छात्राओं को उद्यमिता की ओर अग्रसर करने के लिए जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के ई-सेल द्वारा श्वंडर वूमेनश् कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में देश के कोने-कोने से आयी हुईं उद्यमी महिलाओं ने छात्रों को स्वरोजगार स्थापित करने के सरल पहुलओं से अवगत कराया।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा पुरस्कृत नबोमिता मजूमदार, संस्थापक नवोमिता डॉट कॉम ने बढ़ती हुई बेरोजगारी पर कहा कि व्यक्ति स्वयं उन मशीनों को तैयार कर रहा है जो मशीनें युवाओं की नौकरियों को छीन रही हैं। उन्होंने कहा कि जिस काम में चार व्यक्ति हाथ बांटते हैं अब उस कार्य को सिर्फ और सिर्फ एक मशीन ही कर देती है। उन्होंने कहा कि अब हमें उन योजनाओं को विचार कर कार्य करना हो कि किस प्रकार हम स्वनियोजित बनें।
औरा इमेज मैनेजमेंट एण्ड कंसलटिंग की संस्थापक व निदेशक समीरा चन्द्र गुप्ता ने छात्रों के साथ अभ्यास करते हुए बताया कि किस प्रकार किसी व्यक्ति की सफलता में उसके हाव-भाव और पहनावा एक अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि पहली मुलाकात का प्रभाव हमेशा के लिए रहता है, इसलिए हम किस प्रकार बात करते हैं, किस प्रकार के कपड़े पहनते हैं, इन सभी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अपने वक्तव्य के दौरान आखिरी में उन्होंने कहा कि हमें हमेशा एक चमकदार हीरे की तरह चमकते रहना चाहिए।
ब्लू माइंडस कंसलटिंग की सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक विश्वप्रिया कोच्चर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि उद्यमिता कुछ और नहीं बल्कि हमारी योजना, नजरिया, समझ और परेशानियों और विफलताओं के बावजूद भी डटे रहना है। मुश्किलों का सामना करते रहने से इंसान जोखिम लेने से नहीं डरता। उन्होंने कहा कि इंसान को चुनौतियों से डरना नहीं चाहिए। हर इंसान के जीवन में एक न एक दिन अवसर जरूर आते हैं। इन्हीं अवसरों के सहारे इंसान को कामयाबी हांसिल करनी चाहिए।
वो वोयाज की संस्थापक रश्मि चड्ढा ने सर्वप्रथम अपनी कंपनी के बारे में छात्रों को जानकारी देते हुए बताया कि उनकी कंपनी ट्रेवल कंपनी है जो महिलाओं के सुरक्षित सफर के लिए कार्य करती है। उन्होंने कहा कि हर इंसान में एक काबिलियत छुपी होती है, हमें बस उस काबिलियत को ढूंढना होगा, जिस विषय में वह अपनी पकड़ रखती हैं उसे करना शुरू करें और आगे बढ़ते रहने की सोचें। खुद एक न एक दिन सफलता चलकर आयेगी। उन्होंने बताया कि इसी पथ पर चलते हुए ही उन्होंने सफलता को हासिल किया और वो वोयाज कंपनी आज महिलाओं के लिए सुरक्षित सफर मुहैया कर रही है।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, प्रमोद जोशी, मनोज चैबे, सिद्धार्थ वाजपेयी, प्रणव सिन्हा ने किया। इस मौके पर ई-सेल के प्रमुख कार्यक्रम ई-कॉन्कलेव के लोगो का भी विमोचन हुआ। साथ ही बताया कि गया कि यह कार्यक्रम यूनिवर्सिटी की छात्राओं द्वारा आयोजित किया गया।













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