देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में नेडा विभाग द्वारा आयोजित ऊर्जा संरक्षण कार्यशाला आयोजित ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं क्षमता विकास पर कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि सर्वाधिक प्रकाश सूर्य से प्राप्त होता है जो सामान्य एक लाख लक्स रहता है जबकि ऑफिस कार्य हेतु सामान्य 200 से 250 लक्स लेबल प्रकाश की आवश्यता होती है। उन्होंने कहा कि साधारण लैम्पों की जगह एलईडी का प्रयोग करने से 75 प्रतिशत तक विद्युत ऊर्जा की बचत की जा सकती है जबकि उतनी ही रोशनी प्राप्त होती है और टास्क लाइट का उपयोग करें जिससे कार्य स्थल पर उचित रोशनी प्राप्त हो सके। लाइटों पर धूल जमा होने पर 50 प्रतिशत रोशनी कम हो जाती है, इनको साफ रखें। सीडीओ ने कार्यशाला में ऊर्जा बचत जनसामान्य एवं समस्त विद्यालयों के प्रधानाचार्य व शिक्षकों को जानकारी दी कि ऊर्जा बचत हेतु फाइव स्टार रेटेड पंखें, कूलर तथा इलेक्ट्रोनिक रेग्यूलेटर एवं समरपम्प को ऑन-ऑफ करने के लिए स्वचालित टाइमर स्विच का प्रयोग करना चाहिए। ऊष्मा शोषक पदार्थों से बने सामानों को एसी रूम में नहीं रखना चाहिए। सीडीओ ने प्रधानाचार्य व शिक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं को इस विषय पर कम से कम एक घण्टे तक जागरूक कार्यक्रम का आयोजन किया जाय, जिससे बच्चे जागरूक होकर वो अपने आस-पास एवं परिवार में जागरूक लायें। कार्यशाला में ऊर्जा बचत के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी यूपी नेडा संतोष कुमार वर्मा, थान सिंह, रामबाबू वर्मा, सरविन्द्र कुमार सहित समस्त विद्यलायों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकगण उपस्थित थे।













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