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प्रदूषण से मुक्ति पाने के लिए लगाएं वृक्ष-यमुना मिशन

प्रदूषण से मुक्ति पाने के लिए लगाएं वृक्ष-यमुना मिशनमथुरा। आज के आधुनिक युग में प्रदूषण एक प्रमुख पर्यावरणीय मुद्दा बन गया है, क्योंकि यह हर आयु वर्ग के लोगों और जानवरों के लिए हानिकारक है। कुछ ही वर्षों में प्रदूषण की दर बहुत तेजी से बड़ रही है, क्योकि औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थ सीधे मिट्टी, हवा और पानी में मिश्रित हो रही हैं। नाले-नालियों द्वारा ये अपशिष्ट पदार्थ यमुना नदी को भी प्रभावित कर रहे हैं। यमुना में रहने वाले जलचर इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। देश में इसे नियंत्रित करने के लिए पूरा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे गंभीरता से निपटने की जरूरत है, अन्यथा हमारी आने वाली पीढ़ी बहुत ज्यादा प्रभावित होगी।

मसानी मोक्षधाम स्थित यमुना मिशन मार्ग पर महावृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कालिन्दी के तट पर अनेकों प्रकार की पौध रोपित की गई। महावृक्षारोपण कार्यक्रम में पौध रोपित करने वालों में महामंडलेश्वर रामदेवा नन्द सरस्वती, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं एवं हिन्दु युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने कालिन्दी के तट पर वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर यमुना मिशन ने जनजागरुकता रैली भी निकाली। मसानी स्थित मोक्षधाम से यमुना किनारे होते हुए ध्रुवघाट तक विशाल रैली निकाली। रैली में हजारों लोगों ने सहभागिता की। 

यमुना मिशन के संस्थापक प्रदीप बंसल ने कहा कि प्रदूषण प्राकृतिक संसाधनों के प्रभाव के अनुसार कई श्रेणियों में वर्गीकृत है जैसे कि वायु प्रदूषण, भू-प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण आदि प्रदूषण की दर इंसान के अधिक पैसे कमाने के स्वार्थ और कुछ अनावश्यक इच्छाओं को पूरा करने की वजह से बढ़ रही है। आधुनिक युग में जहाँ तकनीकी उन्नति को अधिक प्राथमिकता दी जाती है वहां हर व्यक्ति जीवन का असली मकसद भूल गया है।

यमुना मिशन के संयोजक पं. अनिल शर्मा ने कहा कि लगातार और अनावश्यक वनो की कटौती, शहरीकरण, औद्योगीकरण के माध्यम से ज्यादा उत्पादन, प्रदूषण का बड़ा कारण बन गया है। इस तरह की गतिविधियों से उत्पन्न हुआ हानिकारक और विषैले कचरा, मिट्टी, हवा और पानी के लिए अपरिवर्तनीय परिवर्तन का कारण बनता है। इससे निजात पाने के लिए सार्वजनिक स्तर पर सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम की आवश्यकता है।

इस अवसर पर यमुना मिशन के संयोजक पं. अनिल शर्मा, विपिन बाबा, लुटिया बाबा, बंसी भगत, रज्जो खलीफा, पप्पू यादव, राकेश पंडित, आलोक, उमेशचन्द्र, जगदीश शर्मा, सतीश चन्द्र शर्मा, नरेश शर्मा, विष्णु यादव, पोहन यादव, भोला पंडित, त्रिलोकी व्यास, मुकेश पहलवान, गोपाला इत्र वाले, भोलानाथ चतुर्वेदी, देवेन्द्र शर्मा. श्रीमती गीता शर्मा. हरीश शर्मा, मुकेश ठाकुर, देवेश चौधरी, मोनू पंडित, राजीव शर्मा, गोपाल लाल, मनीष सक्सैना, हरीमोहन, गोविन्द ठाकुर, मौनू सैनी, सतीश ठाकुर, सचिन गोला, ठा.मानपाल सिंह, राजू, भीम आदि उपस्थित थे।  

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