देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच डोकलाम विवाद के समाधान का भी सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर पड़ते हुए देखा जा सकता है। असर इतना गहरा है कि बीते सप्ताह सकारात्मक वैश्विक संकेतों के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में प्रभावशाली बढ़ोतरी देखी गई। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। व्यापक आर्थिक आंकड़ों के मोर्चे पर, देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर में चालू वित्त वर्ष की जून में खत्म हुई तिमाही के दौरान गिरावट दर्ज की गई और यह वित्त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही में दर्ज 6.1 फीसदी से घटकर 5.7 फीसदी पर आ गई, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 7.9 फीसदी थी।
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 296.17 अंकों या 0.93 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 31,892.23 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 117.35 अंकों या 1.19 फीसदी की वृद्धि के साथ 9,974.40 पर बंद हुआ। मिडकैप सूचकांक में 2.84 फीसदी और स्मॉलकैप में 3.09 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सोमवार को सेंसेक्स में 154.76 अंकों या 0.49 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 31,750.82 पर बंद हुआ। मंगलवार को सेंसेक्स 362.43 अंकों या 1.14 फीसदी की गिरावट के साथ 31,388.39 पर बंद हुआ। बुधवार को सेंसेक्स में फिर तेजी लौटी और यह 258.07 अंकों या 0.82 फीसदी की तेजी के साथ 31.646.46 पर बंद हुआ।
इस सप्ताह सेंसेक्स के तेजी वाले शेयरों में प्रमुख रहे -
इंफोसिस (0.83 फीसदी), विप्रो (2.49 फीसदी), डॉ. रेड्डी (6.2 फीसदी), ल्यूपिन (0.18 फीसदी), मारुति सुजुकी इंडिया (2.77 फीसदी), टाटा मोटर्स (1.74 फीसदी), बजाज ऑटो (6.74 फीसदी), रिलायंस इंडस्ट्रीज (2.68 फीसदी) और एलएंडटी (0.74 फीसदी)।
साभार-khaskhabar.com













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