देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में वाणिज्यिक वाहन उद्योग की बिक्री में 9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जिसमें सबसे अधिक मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों (एमएंडएचसीवी) और बसों की बिक्री गिरी है।
इस गिरावट का मुख्य कारण वित्त वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में बीएस-4 मानक लागू होने से पहले वाहनों की बिक्री में आई तेजी तथा जीएसटी लागू होने के कारण इंतजार में ऑपरेटरों द्वारा खरीद स्थगित करने तथा बीएस-4 मानक के कलपुर्जों की कम उपलब्धता रही है।
रेटिंग एजेंसी आईसीआरए ने सोमवार को यह जानकारी दी। एजेंसी ने बताया की समीक्षाधीन अवधि में ट्रक एवं बसों की बिक्री में क्रमश: 33 फीसदी और 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
आईसीआरए के वरिष्ठ समूह उपाध्यक्ष सुब्रत रॉय ने कहा, ‘‘पहली तिमाही में सुस्त प्रदर्शन के बावजूद हाल के बजट में अवसंरचना और ग्रामीण क्षेत्रों पर जोर दिए जाने से बिक्री को बढ़ावा मिलेगा और वित्त 2018 में वाणिज्यिक वाहन उद्योग की वृद्धि दर 6-8 फीसदी होगी।’’
साभार-khaskhabar.com













Related Items
एनसीआर क्षेत्र में प्रतिबंधित ऑटो रिक्शा एवं अन्य डीजल वाहनों पर होगी नियमानुसार कार्रवाई - मुख्य सचिव सुधांश पंत
इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग से होगी प्रदूषण रहित डिलीवरी, जानिए क्या है शून्य अभियान
दिन में छा गया अंधेरा, वाहनों की जल गई लाइट