BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

मोटापा, कोलेस्ट्रॉल और बीपी जैसी कई बीमारियों में कारगर है योग : एम्स

मोटापा, कोलेस्ट्रॉल और बीपी जैसी कई बीमारियों में कारगर है योग : एम्सनई दिल्ली। आज पूरी दुनिया योग दिवस मना रही है। कई तरह के योगासन और क्रियाएं बीमारियों के उपचार के लिए भी कारगर है। मंगलवार को एम्स में आयोजित एक कार्यक्रम में एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि योग को लंबे वक्त तक क्लिनिक में परख कर उनके फायदे को जाना गया है। उन्होंने कहा कि कई बीमारियों पर रिसर्च की गई, जिसमें योग का असर साफ दिखता है।

 

रिसर्च टीम का हिस्सा रहे एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि क्लिनिक में किए गए टेस्ट बताते हैं कि अगर अस्थमा के पेशंट्स 10 दिनों तक सुझाए गए सही योगासन कर लें, तो उन्हें बार-बार सांस फूलने की दिक्कत में आराम मिल सकता है। उन्होंने कहा कि सीओपीडी की समस्या से ग्रस्त लोगों को भी अगर योगासन करवाया जाए, तो एक ही हफ्ते में इनहेलर की जरूरत कम पड़ती है और बाहर से लगाई जाने वाली ऑक्सीजन में भी कमी आती है। उन्होंने बताया कि इससे मरीज रोजमर्रा की परेशानियों से भी बचा रहता है। मेटाबॉलिक सिंड्रोम कई बीमारियों से मिल कर बना होता है। इनमें मोटापा, कोलेस्ट्रॉल और बीपी जैसे लक्षण प्रमुख रूप से देखे जाते हैं। इस सिंड्रोम से पीड़ित लोगों को डायबिटीज होने के चांस बाकी लोगों से 5 गुना ज्यादा और हार्ट डिजीज होने के चांस तकरीबन 2 गुना ज्यादा रहता है। रिसर्च से पता चला कि इस सिंड्रोम की जड़ में स्ट्रेस का बहुत बड़ा हाथ है। इसके लिए 86 लोगों पर तकरीबन 10-10 दिनों तक कई तरह के योगासन करवाने से पता चला कि स्ट्रेस पैदा करने वाले हॉर्मोंस का लेवल घटा और स्ट्रेस कम करने वाले हॉर्मोंस का लेवल तेजी से बढ़ा। डिप्रेशन में भी योग काफी कारगर साबित हुआ है। कार्यक्रम में भाग ले रहे डिपार्टमेंट ऑफ फिजियोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉ. राजकुमार यादव ने बताया कि कुछ दिनों पहले उनके पास 25-26 साल का एक इंजीनियर डिप्रेशन के हालात में आया, जो आत्महत्या के बारे में लगातार सोच रहा था। उसे 1 महीने तक स्ट्रेस कम करने के लिए एक खास योग प्रोटोकॉल को फॉलो करवाया गया, जिससे उसे काफी आराम मिला।

 

डिपार्टमेंट ऑफ फिजियोलॉजी की डॉ. के.पी. कोचर ने अपनी रिसर्च में पाया कि महिलाओं में बच्चे पैदा करने की क्षमता को भी योग के जरिए बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने रिसर्च के दौरान पाया कि कुछ ऐसे आसन और पॉश्चर हैं, जिन्हें करने से महिलाओं के पेड़ू के एरिया में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है और वहां की एनर्जी बढ़ जाती है। डॉ. कोचर ने बताया कि योग सिर्फ शरीर से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि इसमें दिमाग भी बड़ा रोल अदा करता है। ऐसे में इसके कई हैरान करने वाले रिजल्ट भी सामने आते हैं। हालांकि, जरूरी नहीं है कि सभी पर योग क्रियाओं का असर बराबर मात्रा में हो।

साभार-khaskhabar.com

 

 

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More