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नई दिल्ली/भोपाल । मध्य प्रदेश में शांति बहाली के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का रविवार को दूसरा दिन है। वहीं, देशभर में आज किसान सांकेतिक प्रदर्शन करने जा रहे है। राष्ट्रीय किसान महासंघ के संयोजक शिव कुमार ने कहा है कि रविवार को किसानों का समूह अलग-अलग इलाकें में काली पट्टी लगाकर सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे। किसान संगठनो की तरफ से ये भी कहा गया है कि 16 जून को देशभर के हाईवे दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बंद करेंगे।
अब देखना यह है कि मध्यप्रद्देश और महाराष्ट्र के बाहर इन संगठनों को कितना समर्थन मिलता है। किसान संगठनों के सामने प्रदर्शनों को हिंसा से दूर रखने की बडी चुनती भी है। उधर, मध्य प्रदेश में राज्य की शांति बहाली पर उपवास पर बैठे सीएम शिवराज सिंह का उपवास आज भी जारी रहेगा। शिवराज आज भी किसानों की समस्याएं सुनेंगे।
मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि शनिवार को 15 बडे ओर 234 छोटे प्रतिनिधि संगठन मिले। किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिया है और उन पर सरकार विचार कर रही है। शिवराज ने कहा कि जब तक मैं आशान्वित नहीं हो जाता हूं कि मध्य प्रदेश में शांति हो गई है तब तक उपवास नहीं तोडूंगा।
किसानों का उसी पंडाल में उपवास शुरू...
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तरफ से कर्ज माफी का आश्वासन न मिलने पर किसानों ने भी उपवास शुरू कर दिया है। आम किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के प्रतिनिधियों ने शनिवार शाम शिवराज से दशहरा मैदान में मुलाकात की और कर्ज माफी और लागत के आधार पर मूल्य तय करने की मांग उनके सामने रखी। आम किसान यूनियन के केदार सिरोही ने कहा, मुख्यमंत्री ने कर्ज माफी की मांग मानने से इंकार कर दिया है, लिहाजा मैंने और अन्य किसानों ने उसी पंडाल में उपवास शुरू कर दिया है।
सिंधिया का सत्याग्रह का ऐलान...
अब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 72 घंटे का सत्याग्रह करने का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस सांसद सिंधिया ने ऐलान किया है कि उनका सत्याग्रह 14 जून से होगा। किसानों की समस्याओं को लेकर ये सत्याग्रह किया जा रहा है।
शिवराज ने कहा...
उपवास पर बैठनेके बाद शिवराज ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के किसानों की हमदर्द है। उन्होंने कहा, ‘कुछ लोगों ने माहौल बिगाडऩे की कोशिश की। बच्चों के हाथों में पत्थर थमा दिए गए। आंदोलन तभी जायज है जब सरकार बात नहीं करे। हम तो बात करने के लिए तैयार हैं।’ उन्होंने कहा, ‘किसान के बिना मध्य प्रदेश आगे नहीं बढ़ सकता है। मैं हमेशा से किसानों के साथ खड़ा रहा हूं। हमारी सरकार ने मालवा को रेगिस्तान बनने से बचाया। मालवा इलाके में नर्मदा का पानी ले जाया गया। प्रदेश की 40 लाख एकड़ जमीन की सिंचाई की व्यवस्था हुई। किसान दूसरों की बातों में नहीं आएं। जब-जब किसानों पर संकट की घड़ी आई, मैं उनके बीच गया। हमने किसानों को बिजली दी, पछले साल हमने प्याज खरीद कर किसानों को राहत दी थी।
सीएम शिवराज ने कहा, ‘इस बार राज्य में फसलों की बंपर पैदावार हुई है। जब जब पैदावार ज्यादा होती है, तो फसलों की कीमतें गिरती हैं। इस बार गेहूं, धान, सोयाबीन,आलू, प्याज की बंपर पैदावार हुई है। अन्न के भंडार भर गए हैं। हमने फैसला किया है कि प्याज का उत्पादन करने वाले किसानों से प्याज 8 रुपये प्रतिकिलो के भाव से खरीदा जाएगा। 10 जून से तूअर की खरीद 4,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किया जाएगा। मूंग, उड़द की भी सरकारी खरीद की जाएगी। राज्य सरकार किसानों की मेहनत बेकार नहीं जाने दी जाएगी। प्याज की खरीद जारी रहेगी।’ सीएम शिवराज ने साथ ही कहा कि खेती विकास का धंधा बने, इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।
किसानों को मिलेगा लाभकारी मूल्य
सीएम ने आगे कहा, ‘किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य देना मध्य प्रदेश की धरती पर सुनिश्चित कर दिया जाएगा। किसान और उपभोक्ता के बीच बिचौलिए को खत्म कर दिया जाएगा। सरकार केंद्र सरकार के समर्थन मूल्य पर फलस की खरीद करेगी। तुअर, मूंग और उर्द को सरकार खरीदेगी। बिना किसानों की अनुमति के उनकी जमीन नहीं खरीदी जाएगी। रबी और खरीफ दोनों फसल का कर्ज एक बार में दे दिया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य प्रदेश और जनता का विकास है।
आयोग और कोष बनाएगी सरकार
23 जून से 4 हजार प्रति क्विंटल की दर से अरहर, 5225 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मूंग खरीदा जाएगा। किसानों को लाभकारी मूल्य देना मध्यप्रदेश की धरती पर सुनिश्चित किया जाएगा। केंद्र सरकार के समर्थन मूल्य पर खरीदी। मध्यप्रदेश सरकार फसल में लागत कितनी आती है यह तय करने के लिए आयोग गठित किया जाएगा, और उस लागत के हिसाब से किसानों को लाभकारी मूल्य दिया जाएगा। इसके साथ किसानों की मूल्य स्थिरीकरण कोष बनाया जा रहा है, बिचौलियों का खेल खत्म होगा।
कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन बोले- नहीं होगा किसानों का कर्ज माफ
इस बीच, प्रदेश के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन का इस मामले में एक विवादास्पद बयान आया है। उन्होंने कहा, ‘मध्यप्रदेश में कर्जमाफी का स्थान नहीं बनता, क्योंकि हमने किसान से ब्याज नहीं लिया, तो किस बात का कर्ज माफ होगा।’ उन्होंने इसी के साथ राज्य में हुई हिंसा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।
साभार-khaskhabar.com













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