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चारों मित्रों ने मिलकर बनाई थी चैथ माॅगने की योंजना, चारों बदमाश गिरफ्तार
मथुरा। शहर के सर्राफा व्यापारी से रंगा के नाम से चैथ माॅगनें वाले शातिर बदमाशों को गुरूवार जनपद की स्वाट टीम व शहर कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए गिरोह के सरगना सहित चार बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की हैं। पुलिस ने चैथ माॅगनें में प्रयुक्त मोबाइल को भी जब्त कर लिया हैं।
इस सम्बध में गुरूवार एसएसपी विनोद कुमार मिश्रा ने पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि शहर के धाौलीप्याऊ क्षेत्र में सर्राफा का कारोबार करने वाले सौरभ अग्रवाल के मोबाइल पर 2 जून को रंगा का खास आदमी होने की बात कहकर उससे मैसेज व फोन से 15 लाख रूपये की चैथ माॅगी। घटना से व्यापारी सौरभ अग्रवाल बुरी तरह भयभीत हो गया। सौरभ ने पुलिस से सम्पर्क कर घटना से अवगत कराया। पुलिस ने चैथ माॅगनें की धमकी को गंभीरता से लेते हुए जिस नम्बर से मोबाइल पर फोन आया उक्त मौवाइल को सर्विलांस पर लगाते हुए अपराधियों तक पहुंचने के प्रयास में जुट गई। पुलिस जाॅच में पुलिस को फोन करने वाले युवक भूपेन्द्र उपर्फ बौबी का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने भूपेन्द्र को हिरासत में लेकर उससे से कड़ाई से पूछताछ की तो भूपेन्द्र ने सारा घटनाक्रम पुलिस को बता दिया। भूपेन्द्र ने पुलिस को बताया कि वह रंगा गैंग का कोई सदस्य नहीं हैं। उसने यह योजना अपने साथी सूरज उर्फ राजा, सोनू, व प्रशान्त के साथ मिलकर बनाई। वह भी ज्वैलर्स का काम करता था और सौरभ से व्यावसायिक प्रतिद्वंद्व के चलते उसने यह सोच कर सौरभ से फोन करके चैथ माॅगी कि इस समय रंगा का नाम लूटकांण्ड का सरगना के रूप में आने के चलते सौरभ भयभीत होकर उन्हें पैसे दे देगा।
पुलिस ने भूपेन्द पुत्र गंगामोहन शर्मा निवासी नारायणपुरी धौलीप्याऊ मथुरा की निशानदेही से सोनू पुत्र उत्तमचन्द्र बंसल निवासी पुरानी चुंगी मैन बाजार धौलीप्याऊ मथुरा, प्रशान्त कुमार पुत्र राजीव कुमार निवासी हिम्मतपुरा धौलीप्याऊ को गिरफ्तार कर उसनें पूछताछ की तो उन्होंने घटना को स्वीकार करते हुए फोन करने के लिए सिम का इंतजाम प्रशान्त ने अपने मिलने वाले लालचद्र पुत्र लकड़ निवासी कोड़ई थाना बाखारी जिला अम्बेडकर के साथ छल करके खरीद ली और चोथ माॅगनें में इसी सिम का प्रयोग किया था और उसके बाद सिम तोड़ कर फैंक दी।
एसएसपी विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि पुलिस ने इनका अपराधिक इतिहास में तलाश किया लेकिन इनके विरूद्ध कोई इसके अलावा कोई अन्य अपराधिक इतिहास नहीं हैं। इन्होंने सिर्फ रंगा के नाम पर वसूली करने की योजना बनाई लेकिन वह इनकी पुलिस ने फैंल कर दी। एसएसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को 5 हजार रूपये की राशि से पुरस्कृत करने की बात कहीं हैं।













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