देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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अभिनेता सलमान खान का कहना है कि वह वर्तमान में जीना पसंद करते हैं और वह अपनी शोहरत को गंभीरता से नहीं लेते हैं। सलमान से पूछा गया कि वह अपने जीवन में क्या हासिल करना चाहते हैं, तो उन्होंने मीडिया को बताया, ‘‘मैं अपनी जिंदगी के प्रत्येक क्षण को जीना चाहता हूं। अगर मैंने अपने इस क्षण को सर्वश्रेष्ठ बना लिया तो मैं जान जाऊंगा कि मैं इसमें से कुछ हासिल कर लूंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं एक अभिनेता के तौर पर अपना काम कर रहा हूं। पर्दे पर आप जो व्यक्तित्व देखते हैं उसके पीछे कैमरा, मेकअप और लाइट्स जैसे विभिन्न विभागों के 100 से अधिक लोगों का योगदान होता है। इसलिए मैं इस उस पागलपन को कैसे गंभीरता से ले सकता हूं जिसे आप लोग (मीडिया और आम लोग) स्टारडम कहते हैं? मैं नहीं ले सकता।’’
सलमान ने हाल ही में अपने बीइंग ह्यूमन ब्रांड के तहत ई-साइकिल्स को लॉन्च किया है। सलमान से पूछा गया कि उनके लिए अपनी अगली फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ में एक मासूम लडक़े का किरदार निभाना कितना मुश्किल रहा? उन्होंने कहा, ‘‘इस फिल्म का किरदार मुझे मेरे स्कूल के दिनों में वापस ले गया। सोहेल और मैंने अपने बचपन की कई यादों को दोबारा इकट्ठा किया। एक मासूम और नाजुक किरदार को जीवन के उस दौर में निभाना जब आप बिलकुल भी मासूम नहीं हों और आपने जब बेइमानी से भरी दुनिया का चेहरा देखा हो, उस दौर में ऐसे किरदार में ढलना बहुत मुश्किल होता है।’’ सलमान, निर्देशक कबीर खान के साथ ‘एक था टाइगर’ और ‘बजरंगी भाईजान’ जैसी फिल्में कर चुके हैं। उनका कहना है कि वह जानते हैं कि उन दोनों की फिल्म की शैलियां अलग हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी समझ फिल्मों को लेकर बहुत अलग है। उनका दृष्टिकोण अधिक यथार्थवादी है, उनका ताल्लुक वृत्तचित्रों के निर्माण से रहा है। दूसरी ओर मैं व्यवसायिक बॉलीवुड से जुड़ा हूं। शायद यही कारण है कि जब ये दोनों मिलते हैं, तो एक नई शैली पैदा होती है।’’ ‘ट्यूबलाइट’ 25 जून को रिलीज हो रही है।
साभार-khaskhabar.com













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