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मथुरा । आज के दौर में खानपान में कमी और बढ़ती उम्र के लोगों में कूल्हे का फ्रैक्चर एक आम स्वास्थ्य समस्या हो गई है। हड्डियों में खोखलेपन की समस्या के चलते कई बार हल्की-सी चोट लगते ही फ्रैक्चर हो जाता है तथा इससे हड्डी के जुड़ने और कूल्हे की हड्डी में रक्त संचार की समस्या बन जाती है। चिकित्सा के क्षेत्र में वैसे तो कूल्हे के फ्रैक्चर के उपचार की कई विधियां चलन में हैं लेकिन आज के समय में हिप फ्रैक्चर नैलिंग सिस्टम किसी वरदान से कम नहीं है। उक्त उद्गार के.डी. मेडिकल कालेज-हास्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के जाने-माने हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. अमन गोयल ने होटल राधा अशोक में सैनसेरा पावर्ड स्मिथ एण्ड नैफ्यू द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में उपस्थित डाक्टरों के बीच व्यक्त किए। इस कार्यशाला का शुभारम्भ आगरा के वरिष्ठ ख्यातिनाम हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. अशोक विज ने किया।
ब्रज मण्डल में हड्डी रोगियों और कूल्हे के फ्रैक्चर की समस्या को ध्यान में रखते हुए के.डी. मेडिकल कालेज-हास्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर, सैनसेरा पावर्ड स्मिथ एण्ड नैफ्यू और मथुरा आर्थोपेडिक सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय वर्कशाप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला के आयोजन अध्यक्ष डा. बी.पी. सिंह भदौरिया, संयोजक सचिव डा. अमन गोयल और डा. हर्षित जैन के प्रयासों से आगरा, मथुरा, अलीगढ़, भरतपुर, हाथरस आदि के हड्डी रोग विशेषज्ञ हिप फ्रैक्चर नैलिंग सिस्टम से रूबरू हुए। कार्यशाला में डा. अमन गोयल, डा. हर्षित जैन और डा. रविकांत द्वारा हिप फ्रैक्चर नैलिंग सिस्टम को लाइव डिमोस्टेशन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
मथुरा में पहली बार आयोजित इस कार्यशाला में मथुरा आर्थोपेडिक सोसायटी के अध्यक्ष डा. रविकांत और सचिव डा. निरविकल्प अग्रवाल ने भी कूल्हे के फ्रैक्चर के उपचार पर अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. अशोक विज ने कूल्हे के फ्रैक्चर की समस्या को गम्भीर मानते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं के माध्यम से हम एक-दूसरे से अपने अनुभव साझा कर मरीज को स्वस्थ कर सकते हैं।













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