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पुलिस मुठभेड़ में सरगना रंगा सहित आधा दर्जन बदमाश गिरफ्तार

पुलिस मुठभेड़ में सरगना रंगा सहित आधा दर्जन बदमाश गिरफ्तारमथुरा । जनपद के बहुचर्चित कोयलावाली गली हुए सर्राफा व्यापारियों की हत्या व लूट कांड में आखिर पुलिस ने शनिवार भोर में बदमाशों को शहर की घनी आबादी क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आधा दर्जन बदमाशों को पकड़ने में सफलता हासिल की। जिसमें बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के दौरान दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गये, वहीं सात पुलिस कर्मी भी घायल हो गये। जिसमें दो निरीक्षक, तीन उपनिरीक्षक, सहित दो सिपाही घायल हुए हैं। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से लूट का माल सहित भारी मात्रा में असलाह व कारतूस चाकू आदि बरामद की हैं। 

शनिवार को दोपहर एसएसपी विनोद कुमार मिश्रा ने पुलिस लाइन के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि जनपद के बहुचर्चित लूट व सर्राफा हत्याकांड को लेकर प्रदेश की सरकार गंभीर थी वहीं पुलिस के लिए एक कड़ी चुनौती बनता जा रहा था। उक्त हत्या कांड को लेकर जहाॅ व्यापारी संगठन सडक पर उतर कर आन्दोलन कर रहे थे वहीं तमाम राजनैतिक व समाजसेवी संगठन घटना के खुलासे के लिए माॅग पर अड़े हुए थेे जो पुलिस के लिए बहुत ही चुनौती पूर्ण था। लेकिन पुलिस ने टीम भावना के साथ कार्य करते हुए बदमाशों के पकड़नें के लिए जहाॅ मुखबिरों का जाल बिछाया हुआ था वहीं पुलिस अपने स्तर से भी बदमाशों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि हत्या व लूट के अपराधी शहर की घनी आबादी चैबिया पाड़ा के रतनकुंण्ड क्षेत्र में हनुमान गली के एक मकान में छिपे हुए हैं। पुलिस को सूचना मिलने के बाद बदमाशों को पकड़नें के लिए एक वृहद स्तर पर योजना तैयार की। बदमाश घनी आबादी में छिपे होने से पुलिस के लिए बदमाशों को पकड़ना एक और बड़ी चुनौती बन गई, पुलिस को अंदेशा था कि अगर बदमाशों से मुठभेंड हुई तो जनहानि हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने पहले बदमाशों के क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को समझा और उसके बाद योजनावृद्ध तरीके से शुक्रवार की रात को ही संदिग्ध मकान की घेराबन्दी कर बदमाशों की टोह लेना शुरू कर दिया। शनिवार प्रातःकाल उन्हंोंने जब मकान की छत्तों पर चढ़कर देखा तो वहाॅ आधा दर्जन युवक दिखाई दिये। जिन्होंने पुलिस को देखते ही सीधे फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने अपने बचाव करते हुए बदमाशों को जबावी कार्यवाही करते हुए पफायरिंग की तो बदमाश बन्द पडे़ मकान से बाहर निकलकर भागने लगे। इस दौरान चीना नामक बदमाश तो मकान की छत्त से ही नीचें कूद गया व नीरज नामक बदमाश को पुलिस की पेट में व सीने गोली लगी। जिससें बदमाशा के हौंसले पस्त हो गये। पुलिस ने सख्त कार्यवाही करते हुए पूरे घटनाक्रम के मास्टर माइंड रहें राकेश उर्फ रंगा के पैर में गोली मार कर धराशाही कर दिया। बदमाश घायल होते गये पुलिस उन्हें अपने कब्जे में लेती गई वहीं बचे तीन बदमाशों को पुलिस ने जल्दी ही काबू में कर लिया। हांलाकि इस दौरान पुलिस के भी दो इंस्पेक्टर व तीन उपनिरीक्षक सहित एक सिपाही गोली लगने से घायल हुए वहीं एक सिपाही को बदमाशों ने चाकू मार कर घायल कर दिया। पुलिस ने बदमाशों को हिरासत में लेने के बाद मौके से लूट का माल व बदमाशो के कब्जे से पिस्टल, तंमचें चाकू, व कारतूस कों लेकर थाना कोतवाली ले आई। 

जैसे ही यह खबर शहर के लोगों को लगी तो सैकड़ों की संख्या मे लोग पुलिस बल के साथ ही कोतवाली पहुंच गये। बदमाशों के पकड़े जाने की सूचना मिलतें ही आगरा जौन के एडीजीपी भी कोतवाली पहुंच गये। पुलिस ने तत्काल घायल हुए तीन बदमाशों को जिला अस्पताल भेजा जहाॅ एक बदमाश नीरज की हालत गंभीर होने पर उसें आगरा रैफर कर दिया। पुलिस ने पाॅचों बदमाशों से पूछताछ शुरू कर तो पूरा घटनाक्रम उगल दिया। बदमाशों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ही मयंक चैन की दुकान पर धावा बोल था। उनका उदेश्य मात्र लूट करना था लेकिन व्यापारियों से हुई छीनी झपटी में उन्हें गोली चलानी पडी। पकड़ें गये बदमाशों ने बताया कि उन्हें राकेश उर्फ रंगा ने यह कहकर बुलाया था कि मोटा माल मिलेगा और लूट के माल में सभी को 10 प्रतिशत का हिस्सा मिलेगा। इसी लालच में वह इनकी बातों में आ गये। पुलिस पुछताछ में पुलिस को बदमाशोें ने अपना नाम राकेश उर्फ रंगा पुत्र बालस्वरूप चतुर्वेदी, नीरज पुत्र बालस्वरूप, कामेश उर्फ चीना पुत्र बालस्वरूप चतुर्वेदी निवासी चैबिया पाड़ा शहर कोतवाली मथुरा, विष्णु उर्फ छाटू पुत्र मुन्नालाल निवासी राधा पुरम स्टेंट के पास हाईवें, आयुष पुत्र जितेन्द्र निवासी रतनकुंड, आदित्य पुत्र अरूणेश नागर निवासी चैबिया पाड़ा थाना कोतवाली बताया। पुलिस ने इनके कब्जें से एक पिस्टल, चार तंमचा 315 वोर, दो मैगजीन, 19 राउण्ड जिन्दा, 10 कारतूस 315 वोर 9 खोखा राउण्ड सहित एक चाकू व 10 हजार 5 सारै रूपयें की नगदी, सात मौवाइल, तीन सिमकार्ड, व सोने व डायमण्ड की ज्वलैरी जिसकी कीमत करीब 20 लाख रूपयें बतायी जा रही है बरामद की। एसएसपी विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि राकेश उर्फ रंगा पर विगत तीन वर्षो से हत्या के मामलें में वाचिंत था और जनपद पुलिस द्वारा 15 हजार रूपयें का ईनाम घोषित था। गैग पर पूर्व में विभिन्न जनपदों में लूट व हत्या के मुकदमें दर्ज हैं। एसएसपी विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि घटना को खुलासे करने वाली टीम को अपने स्तर से पाॅच हजार रूपये के ईनाम से परस्कृत किया गया है, वहीं पुलिस महानिदेशक स्तर से भी पुरस्कृत करने की संस्तुति की हैं। घटना के खुलासे से जहाॅ पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है वहीं पूरे व्यापार मंडल में हर्ष की लहर है। 

एसएसपी ने की निलम्बित पुलिस अधिकारियों के कार्य की सराहना

सर्राफा व्यापारी की हत्या व लूट कांण्ड में निलम्बित किये गये क्षेत्राधिकारी जगदीश सिंह, शहर कोतवाली सुरेन्द्र  पाल सिंह, व चैकी प्रभारी होलीगेट प्रदीप कुमार के लिए निलम्बन के बाद भी उक्त घटना में की कड़ी मेहनत से एसएसपी प्रभावित हुए और उन्होंने अनौपचारिक रूप से कहा कि तीन अधिकारियों ने लापरवाही की तो उन्हें इसकी सजा अवश्य मिलेगी। लेकिन इसके बाद भी तीनों अधिकारियों ने जो मेहनत की है वह भी काबिले तारीफ है इस लिए इनके अच्छे कार्य की भी शासन को रिपोर्ट भेजी जायेगी। 

पाॅच दिन तक शहर में ही छिपे रहे बदमाश

घटना के बाद बदमाशों ने शहर से बाहर जाना अपने को सुरक्षित नहीं समझा। बदमाश अपने गृहक्षेत्र में ही इधर उधर छिपतें रहें आखिर में पुलिस का वढ़ता दवाव के चलते उन्होंने रतनकुंड में बन्द पड़े मकान को अपनी शरण स्थली बना लिया और बदमाशा पूरे दो दिन से इसी मकान में कैद होकर अपने सूत्रों से पुलिस कार्यवाही की जानकारी लेते रहें। सूत्रों का कहना है कि बदमाशों द्वरारा घेराबन्दी करने की सूचना पुलिस के पहुंचें से मात्र पाॅच मिनट पहले लगी जब तक वह अपना ठिकाना बदलते वह पुलिस से घिर गये। जबकि बदमाशों का सरगना राकेश उर्फ रंगा विगत कई वर्षो से जुर्म की वारदातों को अंजाम देते हुए इन्हीं तंग गलियों में छिपकर अपनी जान बचाता रहा। इस बार भी इसे भरोसा था कि पुलिस उस तक नहीं पहुंच पायेगी।

 

नारद संवाद

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