देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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सूरत । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रशंसा करते हुए कहा कि मौजूदा भारत का जो नक्शा है, वह उन्हीं की बदौलत है। सूरत में हाजिरा के निकट हरे कृष्णा एक्सपोर्ट्स की हीरा विनिर्माण इकाई का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा, हम भारत में गर्व के साथ रहते हैं और हमारा मस्तक सदैव ऊंचा रहता है, जो उन्हीं की बदौलत है।
रविवार शाम यहां पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई को सलाम किया।मोदी ने कहा कि आज अगर देसाई होते तो उन्हें यह देखकर बेहद खुशी होती कि भारतीय अर्थव्यवस्था किस तरह विकास के नए मुहावरे गढ़ रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "कुछ साल पहले मोरारजी देसाई ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अपनी पूरी ऊर्जा लगा दी थी, जिसकी बदौलत आज अर्थव्यवस्था इस मुकाम पर है। उनकी आत्मा भारत की विकसित होती अर्थव्यवस्था पर खुशी मना रही होगी।
सन् 1977-79 के दौरान जनता पार्टी सरकार के नेतृत्वकर्ता मोरारजी दक्षिण गुजरात के रहने वाले थे। मोदी ने कहा, उसी तरह, सरदार पटेल ने आजादी के बाद भारत का जो नक्शा तैयार किया, उसी की बदौलत मौजूदा भारत का नक्शा हमारे सामने है।
उद्घाटित हीरा निर्माण इकाई की ओर इशारा करते हुए मोदी ने कहा कि हीरे की पॉलिशिंग में देश अग्रणी है और इसमें रत्न व ज्वेलरी क्षेत्र में अव्वल बनने की क्षमता है। उन्होंने कहा, भारत के कारीगरों के पास हर सीजन के हिसाब से तथा समाज के प्रत्येक तबकों के लिए जेवरों का निर्माण करने की क्षमता है। प्रधानमंत्री ने कहा, "हमें केवल उसी तरह के जेवर पर ध्यान नहीं देना चाहिए, जो ग्राहक मांगते हैं, बल्कि नए डिजाइनों का भी निर्माण करना चाहिए, जो उन्हें आकर्षित करें।
मोदी ने कहा, इजरायल जाने वाला मैं पहला प्रधानमंत्री बनूंगा...
उन्होंने सूरत के हीरा व्यापारियों से यह भी कहा कि उनकी तरफ से वह जुलाई महीने में हीरे की कटाई के वैश्विक केंद्र इजरायल जा रहे हैं। सूरत हीरे के व्यापार का एक प्रमुख केंद्र है और भारत द्वारा निर्यात होने वाले 80 फीसदी हीरों की पालिशिंग यहीं होती है, जबकि इजरायल इस क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा खिलाड़ी है। मोदी ने कहा, मैं जल्द ही इजरायल जा रहा हूं..वस्तुत: इजरायल जाने वाला मैं पहला प्रधानमंत्री बनूंगा और मैं वहां आपकी तरफ से जा रहा हूं। आपका उस देश के साथ व्यापारिक रिश्ता है।
अस्पताल का उद्घाटन...
इससे पहले, उन्होंने शहर के लोकोपकारी हीरा व्यापारियों द्वारा बनवाए गए एक अस्पताल का उद्घाटन किया। सूरत के कतारगाम में पाटीदार समाज के एक ट्रस्ट से संबंध रखने वाले किरण मल्टी स्पेशिऐलिटी हॉस्पिटल का लोकार्पण किया। यह हॉस्पिटल 400 करोड़ की लागत से बना है। अस्पताल के उद्घाट के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में सबको यह कहकर चौंका दिया कि मैं सब जगह जाता हूं तो फलने-फूलने का आशीर्वाद देता हूं, लेकिन इस अस्पताल में कभी किसी को न आना पड़े यह दुआ करता हूं। उन्होंने कहा, अगर किसी को यहां आना भी पड़े तो एक बार के बाद दूसरी बार यह नौबत कभी न आए। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी सरकार द्वारा किए जा रहे कामों का खास जिक्र किया।
मोदी ने कहा कि अगर वह किसी हीरे के प्रतिष्ठान या ऐसी ही किसी दूसरी चीज का उद्घाटन करते तो यही दुआ देते कि प्रतिष्ठान खूब फूले-फले। उन्होंने कहा, ‘यह अस्पताल परिश्रम से बना है। पैसों से ज्यादा मूल्य पसीने का है। मैं चाहूंगा कि इस अस्पताल में किसी को आने की जरूरत न पड़े और अगर आए भी तो इतना मजबूत होकर जाए कि दोबारा न आना पड़े।’ प्रधानमंत्री ने कहा, परिवार का एक सदस्य भी बीमार हो जाए तो परिवार मुश्किल में पड़ जाता है। भारत सरकार ने हेल्थ पॉलिसी घोषित की है। अटल जी की सरकार के बाद 15 साल बाद यह सरकार हेल्थ पॉलिसी लाई। सबको इलाज मिलना चाहिए। दवाइयां बनाने वाली कंपनियां मनमानी कीमत वसूलती थी। हमने नियम बनाया। 700 दवाइयों के दाम तय कर दिए। कई जीवनरक्षक दवाओं को सस्ता किया। पीएम मोदी ने कहा कि जो दवाएं पहले 1200 में मिलती थीं अब 70 रुपये में मिलती हैं।
स्टेंट की कीमतों को कम करने का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज हर व्यक्ति हृदय रोग को लेकर चिंतित रहता है। स्टेंट की कीमतों को कम करने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘दो महीने पहले हमने फैसला किया कि 40 हजार में जो स्टेंट बिकते थे वे 6 हजार में बिके। डेढ़ लाख के स्टेंट 20-22 हजार में बिके।’ उन्होंने कहा कि डॉक्टर अब जेनरिक दवा लिखेंगे ताकि गरीबों को लाभ मिले। प्रधानमंत्री ने इंद्रधनुष टीकाकरण योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत जिन महिलाओं का टीकाकरण नहीं हुआ उनका टीकाकरण किया जा रहा है। करीब 2 करोड़ ऐसी महिलाओं का टीकाकरण इस योजना के तहत हुआ है।
सूरत से जोड़ा दिल का नाता
मोदी ने सूरत के लोगों से अपना दिल का रिश्ता बताते हुए कहा, ‘लोगों ने मुझसे नाता तोड़ लिया है। लोगों की नजर में मैं प्रधानमंत्री बन गया हूं लेकिन एक अपवाद सूरत है...जब भी मिला हूं तो वही प्यार वही अपनापन मिलता है जैसे पहले मिलता था।’ उन्होंने कहा कि पद से इन्सान बड़ा नहीं होता, प्यार से होता है। उन्होंने कहा कि 2013 में दशहरे के दिन बीजेपी की तरफ से उन्हें पीएम उम्मीदवार बनाने का ऐलान हुआ और उस दिन भी वह सूरत आए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मैंने अधिकार भाव से आप लोगों के बीच काम किया है।’ पीएम ने सूरत शहर और शहरवासियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘सूरत का स्वभाव है स्वच्छता। देश के लिए प्रेरणा है सूरत। स्वच्छता अगर भारत का स्वभाव बने तो हमारे अरबों-खरबों रुपये बीमारी के नाम पर खर्च नहीं होंगे।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं जब यहां था तो कहता था कि जिसका शिलान्यास मैं करूंगा, उद्घाटन भी मैं करूंगा। तब लोगों को लगा कि मेरा अहंकार बोल रहा है, लेकिन मेरा विश्वास था। मेरा मानना है कि अगर आप कोई काम शुरू कर रहे हैं तो उसे पूरा करें नहीं तो काम शुरू ही नहीं करें।’
गुजरात का काम देश को चले पता
प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण की शुरुआत में कहा कि वह दुविधा में थे कि गुजराती बोलें या हिंदी। उन्होंने आगे कहा कि आपके बड़े काम का पता देश को चलना चाहिए इसलिए वह हिंदी में बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात के काम के बारे में देश को भी पता चलना चाहिए।
खेडू परिवार की तारीफ
प्रधानमंत्री ने मंच से खेडू परिवार के लोगों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ये वो संतानें हैं जिन्होंने अपनी चिंता नहीं की, हमेशा दूसरों की चिंता की। उन्होंने कहा कि ये लोग इतने मेहनती हैं कि गांव की मिट्टी खाकर बड़े हुए हैं। मैं भी इन्हीं लोगों के बीच बड़ा हुआ हूं और चाहता हूं कि इनका काम देश-दुनिया तक पहुंचे। पीएम ने कहा कि खेडू परिवारों में देने का संस्कार होता है। इस अस्पताल का शिलान्यास भी मैंने ही किया था, लेकिन तभी मैंने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि इसका उद्घाटन भी मैं ही करूंगा। मोदी ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि मैंने हमेशा यही कहा कि जिस प्रोजेक्ट का शिलान्यास मैं करता हूं, उसका उद्घाटन भी मैं ही करूंगा। लोगों ने पहले मुझे घमण्डी कहा, लेकिन अब जब में सिर्फ उद्घाटनों में जाता हूं और इन परियोजनाओं को देश को समर्पित करता हूं, तो उन्हें समझ में आता है।
नई पीढ़ी में भी आए सामूहिकता की भावना
धर्मशालाओं, गौशालाओं, पीने के पानी के स्रोतों जैसी चीजों का हवाला देकर पीएम ने कहा कि ये चीजें सरकार ने नहीं बनाई बल्कि लोगों ने खुद सामूहिक रूप से किया। उन्होंने कहा कि सूरत के लोगों में सामूहिकता की भावना है और आने वाली पीढिय़ों में भी यह भावना आनी चाहिए।
जुलाई में जा रहा हूं इस्रायल
मोदी ने कहा कि गुजरात ने पानी को अपनी बहुत बड़ी ताकत बना लिया है। उन्होंने लोगों को उत्तम स्वास्थ्य की शुभकामनाएं दी। पीएम ने इस मौके पर लोगों को बताया कि वह जुलाई महीने में इस्रायल जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह देश के पहला प्रधानमंत्री हैं जो इस्रायल जा रहे हैं। मोदी ने हीरा कारोबारियों के इस्रायल से रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा, ‘वहां मैं आपका प्रतिनिधि बनकर वहां जा रहा हूं।’
साभार-khaskhabar.com













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