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कॉल सेंटर स्कैम: मुख्य आरोपी गिरफ्तार, प्रेमिका को दी थी ऑडी कार

कॉल सेंटर स्कैम: मुख्य आरोपी गिरफ्तार, प्रेमिका को दी थी ऑडी कारठाणे। कॉल सेंटर के जरिये अमेरिकी अधिकारी बनकर अमेरिकियों से 30 करोड डॉलर की धोखाधडी के मामले के कथित साजिशकर्ता सागर ठक्कर उर्फ ‘शैगी’ को गिरफ्तार कर लिया गया। ठाणे के पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने बताया कि ठक्कर को कल रात दुबई से लौटते ही मुंबई हवाईअड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उसे एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने ठक्कर को 13 अप्रैल तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। ठाणे पुलिस के दावे के मुताबिक आर्थिक भ्रष्टाचार के मामले में उसने गत अक्टूबर में देश में अब तक का सबसे बडा छापा मारा था। इस मामले की अहम कडी गुजरात के रशेस चौकसी को तीन दिन पहले ही ठाणे पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सूत्रों के मुताबिक चौकसी सागर ठक्कर के सीधे संपर्क में था। पुलिस के मुताबिक कॉल सेंटर में इस्तेमाल होने वाले डायरेक्ट इनवर्ड डायलिंग और वाइस इंटरनेट प्रोटोकाल डायलिंग सिस्टम से जुडे उपकरणों को रशेस चौकसी ने ही सप्लाई किया था। उस कार्रवाई में 70 लोगों को गिरफ्तार किया था जिन पर मुंबई से सटे काशिमिरा के कॉल सेंटर से अमेरिका के लोगों को ठगने का आरोप था। फर्जी कॉल सेंटर के मास्टरमाइंड सागर ठक्कर ने क्रिकेटर विराट कोहली से उनकी 2.3 करोड की ऑडी कार 60 लाख रुपये में खरीदी थी। ये कार सागर ने अपनी गर्लफ्रेंड को गिफ्ट दी थी। मामला सामने आने के करीब 6 महीने बाद अब उसने फर्जी कॉल सेंटर मामले के फरार मास्टर माइंड सागर ठक्कर उर्फ शैगी को दुबई से मुंबई पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया।

 

सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पुलिस द्वारा रेड कार्नर नोटिस की प्रक्रिया शुरू किये जाने के बाद दुबई में रह रहे ठक्कर ने भारत लौटने का फैसला किया। अदालत में पेश किये जाने से पहले ठक्कर से संक्षिप्त पूछताछ करने वाले आयुक्त ने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि उसे कंप्यूटर और संबद्ध तकनीक के साथ-साथ भारतीय और अमेरिकी कानूनी व्यवस्था की भी अच्छी जानकारी है।

घोटाले के पर्दाफाश के समय से ही सागर फरार था। पुलिस के मुताबिक ठाणे में करीब आधा दर्जन कॉल सेंटरों के जरिए यह घोटाला वर्ष 2013 से चल रहा था। इसमें अमेरिका के कम से कम 15,000 करदाताओं को निशाना बनाया गया था। पुलिस के पिछले साल ठाणे जिले के मीरा रोड स्थित कॉल सेंटरों पर छापा मारने के बाद इस घोटाले का भंडाफोड हुआ था। पुलिस दल ने गिरोह में शामिल अहमदाबाद स्थित पांच कॉल सेंटरों पर भी छापा मार कर उन्हें बंद कर दिया था। अक्टूबर में ठाणे पुलिस की छापेमारी के बाद सागर दुबई भाग गया था। कुछ दिन दुबई में रहने के बाद वह थाईलैंड गया था और फिर दुबई आ गया था। अमेरिका की एजेंसी उसके पीछे लगी थी। उसके खिलाफ अमेरिका ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था जिसके बाद दुबई में उसे गिरफ्तार किया गया था। लेकिन कोर्ट में अमेरिकन रेड कॉर्नर नोटिस टिका नहीं, लिहाजा उसे छोड दिया गया था। पुलिस के मुताबिक सागर ठक्कर पिछले 6 साल से फर्जी कॉल सेंटर के कारोबार से जुडा था और अमेरिकन लोगों को धमका कर रुपये की उगाही के खेल में लगा था। उसने गुजरात के नवसारी से फर्जी काल सेंटर की शुरुआत की थी और फिर गुडग़ांव, दिल्ली, शिलांग, ठाणे, हैदराबाद, अहमदाबाद, छत्तीसगढ़, कोलकाता तक बिजनेस को फैला लिया था। पिछले साल 4 अक्टूबर की देर रात ठाणे क्राइम ब्रांच ने छापा मारकर मीरा रोड स्थित 3 फर्जी काल सेंटर का पर्दाफाश किया था।

 

कॉल सेंटर से अमेरिकन नागरिकों को टैक्स डिफॉल्टर होने का झांसा दे करोडों की ठगी किये जाने की बात सामने आई थी। पुलिस ने उस मामले में 700 से अधिक लोगो को आरोपी बनाया है और 84 लोगों की अभी तक धरपकड हुई है। शैगी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को भरोसा है कि जल्दी ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

साभार-khaskhabar.com

 

 

 

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