देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह राष्ट्रपति पद की रेस में नहीं है। गौरतलब हैॅ कि मीडिया में खबरें आई थी कि मोहन भागवत को राष्ट्रपति बनाया जा सकता है। इस पर मोहन भागवत ने कहा है कि मीडिया में जो चल रहा है वो होगा नहीं, हम संघ में काम करते हैं और हमें वहां नहीं जाना है।
मोहन भागवत ने कहा कि अगर उनके पास राष्ष्ट्रपति पद का प्रस्ताव आया भी तो वे उसे स्वीकार नहीं करेंगे। वहीं शिवसेना ने भी मोहन भागवत को राष्ट्रपति बनाने की अपील की है। शिव सेना सांसद संजय राउत का कहना था कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए भागवत बतौर अगले राष्ट्रपति सही पसंद होंगे।
संजय राउत का कहना है कि राष्ट्रपति पद देश का सबसे ऊंचा ओहदा है और इस पद के लिए किसी साफ छवि के व्यक्ति को चुना जाना चाहिए। साथ ही उन्होनें कहा था कि मैंने सुना है कि राष्ट्रपति पद के लिए जिन नामों की चर्चा है, उनमें मोहन भागवत का नाम भी शामिल है। साथ ही उन्होनें कहा था कि अगर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है तो भागवत सही पसंद होंगे। वहीं पीएम मोदी ने अगले राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर सहयोगी पार्टी के नेताओं को डिनर पर चर्चा के लिए बुलाया था।
साभार-khaskhabar.com













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