देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
इस्लामाबाद । गुरूवार को पाकिस्तान के गणतंत्र दिवस के मौके पर पाक नेताओं और सेना के भारत विरोधी तेवर देखने को मिले। पाकिस्तान की सैन्य परेड में जहां पहली बार चीनी सेना नजर आई, वहीं राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने इस मौके पर फिर कश्मीर राग अलापा और इसे विभाजन का अधूरा अजेंडा करार दिया। लाहौर की सडकों पर हर बार की तरह मुंबई हमले के गुनहगार आतंकवादी हाफिज सईद के संगठन तहरीक-ए-आजादी ने भारत के खिलाफ बडी रैली निकाली। जमात उद दावा का नाम बदलकर तहरीक-ए-आजादी किया गया है।
चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी के एक दल ने गुरूवार को पाकिस्तान की गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लिया। पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने पीएलए के सुरक्षा बलों को परेड में शामिल करने के लिए चीन का शुक्रिया अदा किया और इसे एक ऎतिहासिक अवसर करार दिया। हुसैन ने कहा कि इससे पहले पाकिस्तान में इस प्रकार के समारोहों में चीन की सेना ने कभी हिस्सा नहीं लिया। पाकिस्तान दिवस परेड में पीएलए के 90 सदस्यीय दल ने हिस्सा लिया। पाकिस्तान की गणतंत्र दिवस परेड में सऊदी अरब की सऊदी स्पेशल फोर्स के दल और तुर्की के तुर्किश जानिसारे मिलिट्री बैंड के दल ने भी हिस्सा लिया।
इस मौके पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने भारत पर सिलसिलेवार तौर पर संघर्ष विराम उल्लंघन करके क्षेत्रीय शांति को खतरे में डालने का आरोप लगाया। हुसैन ने कहा, पाकिस्तान भारत के साथ बातचीत को तैयार है और कश्मीर मुद्दे को हल करना चाहता है जो बंटवारे का अधूरा अजेंडा है। उन्होंने कहा, हम पूरी दुनिया से, खासतौर से प़डोसियों के साथ अमन और दोस्ती चाहते हैं, लेकिन भारत ने अपने गैरजिम्मेदाराना रवैये, नियंत्रण रेखा और कामकाजी सीमा पर लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन करके क्षेत्र की शांति को खतरे में डाला है। मुंबई हमले के गुनहगार आतंकवादी हाफिज सईद के संगठन तहरीक-ए-आजादी ने लाहौर में भारत के खिलाफ गुरूवार को एक ब़डी रैली निकाली जिसमें सैंकडों लोग शामिल हुए। भारत के खिलाफ भडकाऊ नारेबाजी की गई। इस प्रदर्शन में जमात उद दावा के कई बडे नेता नजर आए। हाल ही में जमात उद दावा का नाम बदलकर तहरीक-ए-आजादी किया गया है।
वार्षिक परेड में पाकिस्तान की स्वदेशी तौर पर विकसित की गई मिसाइलें और वायु रक्षा प्रणाली का प्रदर्शन किया गया। परेड में पहली बार चीनी और सऊदी सैनिकों ने शिरकत की। इसके अलावा तुर्की का मेहर सैन्य बैंड भी शामिल हुआ। पाकिस्तान ने परेड के दौरान एफ-16, जेएफ-17 थंडर्स, मिराज, एडब्ल्यूएसी, पी3-सी ओरियोन और एफ-7 से अपनी सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन किया। सैन्य परेड के दौरान पाकिस्तान के तीनों बलों, रेंजर्स, पुलिस और कमांडो ने मार्च किया। याद रहे,23 मार्च 1940 को लाहौर में मुसलमानों के लिए एक अलग मातृभूमि की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया था। उसी की याद में पाकिस्तान में हर साल 23 मार्च को पाकिस्तान दिवस मनाया जाता है।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
भारत में एक खामोश विस्फोट हो रहा है
जंजीरें तोड़ता भारत: बाल विवाह के खिलाफ निर्णायक जंग
भारत का कोचिंग उद्योग: जहाँ सपने दिखाए जाते हैं टूटने के लिए!!