देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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जयपुर । मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि हमारे देश में महिलाएं कभी कमजोर नहीं रहीं, वे शुरू से ही सशक्त रहीं हैं। सामाजिक बंधनों को तोडक़र वे आगे आई हैं और अपनी प्रतिभा के बल पर यह दिखा दिया है कि नारी शक्ति कमजोर नहीं है, उसे अपना रास्ता खुद बनाना आता है। मुख्यमंत्री बुधवार को होटल हिल्टन में आयोजित इंडिया टुडे वुमन समिट राजस्थान-2017 को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं को लेकर पहले के मुकाबले काफी बदलाव आया है। जरूरत इस बात की है कि महिलाएं अपनी प्रतिभा को पहचानें और अपनी मंजिल चुनकर उसे हासिल करने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कोई-सा भी क्षेत्र हो नारी-शक्ति पीछे नहीं है। महिलाएं अपनी प्रतिभा के बल पर व्यवसाय से लेकर राजनीति और पुलिस सेवा से लेकर इंजीनियरिंग तक हर क्षेत्र में अलग मुकाम हासिल कर रही हैं। महिलाओं को सामाजिक-आर्थिक रूप से सक्षम एवं सशक्त बनाकर उन्हें बराबरी के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के लिए राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहियोगिनी और एएनएम को एक साथ लाने की जो पहल की है उसे महाराष्ट्र जैसे राज्य में भी लागू किया जा रहा है। प्रदेश के कुछ जिलों में लागू किए गए ट्रिपल ए कार्यक्रम के अच्छे परिणाम मिले हैं। इसे देखते हुए अन्य जिलों में भी राज्य सरकार इसे आगे बढ़ाएगी।
अपनी बेटियों को ज्यादा से ज्यादा पढ़ाएं
राजे ने कहा कि राजस्थान में संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ी है और इसके परिणामस्वरूप मातृ एवं शिशु मृत्यु दर के आंकड़ों में कमी आई है। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव बढ़े हैं क्योंकि महिलाएं शिक्षित हुई हैं। उन्होंने आह्वान किया कि मां-बाप अपनी बेटियों को ज्यादा से ज्यादा पढ़ाएं, ताकि उनका कल सुनहरा बन सके।
शिक्षा में आगे बढ़ रहा है प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में पिछले तीन सालों में परिदृश्य बदल गया है। असर रिपोर्ट-2016 का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चों में लर्निंग लेवल बढ़ा है। राजस्थान देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है जहां आठवीं कक्षा के बच्चों में रीडिंग लेवल बढ़ा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में छात्राओं के लिए स्कूलों में शौचालय बनवाने की राज्य सरकार की मुहिम की भी रिपोर्ट में सराहना की गई है। राजस्थान को देश के उन चार राज्यों में शामिल किया गया है, जहां 80 प्रतिशत से ज्यादा स्कूलों में कार्यशील शौचालय हैं। इससे छात्राओं के स्कूल छोडऩे के प्रतिशत में कमी आई है।
बालिकाओं में हैप्पीनेस स्तर बढ़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने स्कूलों में छात्राओं के लिए शत प्रतिशत शौचालयों की व्यवस्था, किशोरियों के सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए निशुल्क सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने के जो प्रयास शुरू किए हैं, उनसे बालिकाओं में हैप्पीनेस का स्तर बढ़ा है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम और सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई भामाशाह योजना आज पूरे देश में एक मिसाल बन गई है। इस योजना के माध्यम से बिना किसी लीकेज के सरकारी योजनाओं का शत प्रतिशत पैसा लाभार्थी के खाते में पहुंच रहा है।
उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सात महिलाएं सम्मानित
कार्यक्रम में आंखों की खोई रोशनी वापस पाने के बाद दृष्टिहीनों के लिए काम कर रही भावना जगवानी को सामाजिक कार्य, अपने पहले प्रयास में आरजेएस टॉप करने वाली अतिरिक्त सिविल जज स्वाति व्यास को न्यायिक सेवा, सिरोही जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया को राजनीति, आईपीएस अधिकारी मालिनी अग्रवाल को प्रशासन, महिला उद्यमी विनी कक्कड़ को उद्यमशीलता, शूटर अपूर्वी चंदेला को खेलकूद एवं लोक गायिका इला अरुण को कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए इंडिया टुडे वुमन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। राजे ने पुरस्कार विजेता महिलाओं को ट्रॉफी वितरित की एवं ‘नारी शक्ति का सर्वोच्च सम्मान’ पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने पुरस्कार हासिल करने वाली महिलाओं को बधाई दी और कहा कि सभी महिलाओं ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बहुत संघर्ष किया है। यह पुरस्कार उन महिलाओं की बहादुरी और कठिन परिश्रम को भी दर्शाता है जो अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं।
साभार-khaskhabar.com













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