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लखनऊ । यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल ने 4 अप्रेल को अपनी पहली बैठक में प्रदेश के दो करोड 15 लाख किसानों को फायदा देते हुए 30,359 करोड रूपये का कर्ज माफ करने का अहम फैसला लिया। इससे छोटे और सीमांत किसानों को बडा फायदा मिलेगा। सरकार ने किसानों का एक लाख रूपये तक का कर्ज माफ किया है। मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।
इससे पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा ने भी मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए फैसलों को मीडिया के सामने रखा। उन्होंने बताया कि बैठक में प्रदेश के किसानों को बिचौलियों से भी मुक्त करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही अवैध बूचडखानों को बंद किए जाने का फैसला भी लिया गया। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित एंटी रोमियो दस्ते को लेकर कहा कि अगर कोई कपल किसी सार्वजनिक स्क्थल पर बैठे हैं, तो अनावश्क्यक रूप से उनसे पूछताछ किए जाने की शिकायत पाए जाने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने पाया है कि आलू के उचित मूल्य किसानों को नहीं मिलते, इसके लिए तीन लोगों की कमेटी बनाई गई है।
सरकार ने एक बडा फैसला यह भी लिया है कि कमेटी इस बात का अध्ययन करेगी कि आने वाले समय में हम आलू पैदा करने वाले किसान को किस तरह से राहत दे सकें। उन्होंने बताया कि यूपी में बडे तादाद में पूंजी निवेश को लेकर राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति बनाने का फैसला किया है। इसके लिए एक मंत्री समूह का गठन किया गया है, जो अलग-अलग राज्यों में जाकर वहां की उद्योग नीति की बारीकियों का अध्ययन करेगा और प्रदेश में सिंगल विंडो के माध्यम से एक अच्छी उद्योग नीति का यहां निर्माण कर सकें, इसके लिए यह मंत्री समूह कई प्रदेशों में जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में जिस तरह से अपराध का बोलबाला रहा है, उस पर जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। वहीं, मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि अवैध खनन पर निगरानी के लिए मंत्रियों के समूह का गठन किया गया है।
सरकार ने लिए ये अहम फैसले
-7 लाख किसान जिनका लोन एनपीए हो गया है, उनके लोन का 5,630 करोड़ पूरा माफ किया गया है।
- कुल 36 हजार 359 करोड़ का कर्ज माफ किया गया है।
-किसान राहत फंड बनाया जाएगा जिससे फसली ऋण लेने वाले किसानों को लाभ मिलेगा।
-लघु और सीमांत किसानों का एक लाख तक का कर्ज माफ किया जाएगा।
- लघु और सीमांत किसानों के 30,739 करोड़ का कर्ज माफ होगा।
-अवैध बूचडख़ानों के विषय में कैबिनेट में चर्चा हुई। अब तक कुल 26 अवैध बूचडख़ाने बंद किए गए हैं। कैबिनेट ने मुहर लगाई की सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेश का सरकार फॉलो करेगी।
-उत्तर प्रदेश में सिंगल विंडो के माध्यम से अच्छी उद्योग नीति की शुरुआत होगी।
-किसानों को आलू के पैदावार की उचित मूल्य नहीं मिलता है। इसके लिए उपमुख्यमंत्री केपी मौर्य की अध्यक्षता में तीन लोगों की टीम बनी है। कमिटी इस बात का अध्ययन करेगी कि आलू पैदा करने वाले किसानों को कैसे फायदा दिया जा सकता है।
-ऐंटी रोमियो दस्ता बड़े अधिकारियों से ब्रीफिंग लेकर जाता है। किसी से अनावश्यक रूप से आई कार्ड मांगने और पूछताछ करने की जानकारी मिलेगी तो अधिकारियों से भी पूछताछ होगी।
-गेंहू की बंपर फसल हुई है इसलिये 80 लाख टन खरीद का लक्ष्य रखा गया है। अगर किसानों की मांग है तो जिलों में इसके लिए क्रय केंद्र बढ़ेगा।
-1625 के एमएसपी के साथ प्रति क्विंटल पर 10 रुपये ढुलाई और रखरखाव के लिए दिए जाएंगे।
-सभी जिला अधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं कि अगर किसी जिले में किसानों की ज्यादा मांग है, तो उस जिले में और भी खरीद केंद्र खोले जाएं।
-पूरे प्रदेश में 5000 गेहूं खरीद के केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिसकी मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री करेंगे।
-कैबिनेट में वाराणसी को क्योटो की तर्ज पर विकसित करने पर चर्चा हुई।
साभार-khaskhabar.com













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