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नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर मोदी सरकार पर एक बार फिर हमला बोला है। पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री चिदंबरम ने सरकार की ओर दिए एक बयान को आधार बनाकर हमला किया है और पूछा है कि किसका हित देखा जाना चाहिए, सरकार का या फिर लोगों का।
सरकार की ओर से तेल के बढ़ते दामों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से जहां लोगों में नाराजगी है वहीं विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। ऐसे में सरकार की ओर से हाल ही में बयान आया, कि पेट्रोल डीजल पर लग रहे कर में एक रुपये की कटौती 13000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। वहीं, पेट्रोल-डीजल पर एक रुपये का कर सीधे लोगों पर 13000 करोड़ रुपये का बोझ साबित हो रहा है।
इसके अलावा एक अन्य ट्वीट में चिदंबरम ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर दमनकारी टैक्स ने इसे सरकार बनाम जनता के मुद्दे में बदल दिया है।आपको बता दें कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों के पांच साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने पर पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने पिछले शुक्रवार को भी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने सरकार से सवाल किया था कि पेट्रोल व डीजल की कीमतें मई 2014 से ज्यादा क्यों हैं, जबकि उस समय अंतरराष्ट्रीय कीमतें आज की तुलना में ज्यादा थीं। उन्होंने तब भी अपने ट्वीट में कहा कि सरकार बेखबर है और इस मुद्दे पर कुप्रबंधन की शिकार है।
साभार-khaskhabar.com













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