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नई दिल्ली। भारत लगातार दूसरी बार उन टॉस तीन देशों में शामिल है जिनकी जनता वहां की सरकारों पर भरोसा करती है। हालांकि दावोस में जारी हुए सालाना ग्लोबल ट्रस्ट इंडेक्स में भारत की इस साल की रैंकिंग और स्कोर में पिछले साल से थोडी कमी आई है। पिछले साल जहां भारत इस रैंकिंग में टॉप पर था, वहीं इस साल वह दो पायदान खिसककर तीसरे नंबर पर आ गया है।
भारत बीते साल 72 पॉइंट्स के साथ सरकार पर जनता के भरोसे के मामले में टॉप पर था, जबकि इस साल 4 पॉइंट्स के नुकसान के बाद 68 अंको के साथ नंबर तीन पर है। इंडेक्स में इंडोनेशिया दूसरे और चीन पहले स्थान पर है। इस इंडेक्स में चीन 7 अंकों की मजबूती दिखा कर पहले नंबर पर आ गया है, वहीं अमेरिका की सरकार पर वहां की जनता के भरोसे में जबरदस्त गिरावट आई है। अमेरिका को सबसे ज्यादा 9 अंकों का नुकसान उठाना पड़ा है।
जीएसटी और नोटबंदी जैसे कड़े आर्थिक सुधारों के बीच यह रैंकिंग सरकार में उत्साह भरने का काम करेगी। भारत उस ट्रस्ट जोन में भी आता है जहां की सरकार के अलावा जनता बिजनस वर्ग, मीडिया और एनजीओ को किस तरह देखती है। इस सालाना ग्लोबल ट्रस्ट इंडेक्स को दावोस में कम्युनिकेशन मार्केटिंग फर्म ईडलमैन ने जारी किया है। मीडिया, एनजीओ और बिजनस को मिलाकर भारत की सम्मिलित ट्रस्ट रेटिंग मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर है। खासतौर पर दावोस में अपने भाषण के दौरान जीएसटी और नोटबंदी जैसे कड़े आर्थिक सुधारों को लागू करने की परेशानियों शामिल करना मोदी सरकार के लिए फायदेमंद रहा।
हालांकि बिजनेस को लेकर भारत की रेटिंग अच्छी नहीं रही। बिजनेस हेडक्वार्टर के मामले में भारत सबसे कम विश्वनीय देशों में आता है।
साभार-khaskhabar.com













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