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महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1091, लेडी अफसरों की तैनाती होगी

महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1091, लेडी अफसरों की तैनाती होगीचण्डीगढ। हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर हैल्पलाईन नंबर-1091 को केन्द्रीयकृत किया जाएगा। इसके अलावा, विशेष महिला पुलिस अधिकारियों की भी तैनाती की जाएगी।

 

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह घोषणा आज यहां मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों के साथ हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए की। उन्होंने कहा कि विशेष महिला पुलिस अधिकारियों की तैनाती राज्य के दो जिलों में पायलट आधार पर की जाएगी। इन अधिकारियों की तैनाती प्रदेश के अन्य जिलों में होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के करनाल और रोहतक दो जिलों में मित्र-कक्ष योजना को पायलट आधार पर लागू किया गया है और इस योजना की फीडबैक आईवीआरएस के माध्यम से लोगों से ली जाएगी। इसी आधार पर इस योजना को प्रदेश के अन्य जिलों में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की सहायता के लिए लगाई गई महिला स्वयंसेवकों की प्रणाली को और अधिक सशक्त किया जाएगा ताकि वे अपनी सेवाएं लोगों को सही प्रकार से मुहैया करवा सकें।

 

मुख्यमंत्री ने बैठक में पुलिस विभाग की डायल-100 योजना की भी समीक्षा की और उन्हें बताया गया कि आगामी एक नंवबर, 2018 तक इस योजना को लागू कर दिया जाएगा। इसी प्रकार, मुख्यमंत्री ने पुलिस की सीसीटीएन परियोजना की भी समीक्षा की तथा मुख्यमंत्री को बताया गया कि हरसमय योजना में आ रही इंटरनेट की समस्याओं को आगामी 31 जनवरी, 2018 तक ठीक कर लिया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने राजस्व एवं आईटी विभागों से संबंधित किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की और उन्हें बताया गया कि केन्द्र सरकार के ई-ताल योजना के साथ राज्य की 380 सेवाओं को जोड़ा गया है। इसके अलावा, प्रदेश के प्रत्येक जिले में ई-दिशा का पुनरुद्घार किया जाएगा, जिस पर लगभग 33 करोड़ रुपए का खर्च आएगा और आगामी 25 दिसंबर, 2017 से पांच ई-दिशा केन्द्रों पर सरल सेवाएं शुरू की जा सकती है। इस पर, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आनलाइन सेवाओं के बारे में प्रदेश की जनता को जागरूक किया जाना चाहिए ताकि नागरिकों को विभागों के चक्कर न काटने पड़े।

 

मामलों को जल्द निबटाने में आईटी का उपयोग करे

 

मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार आने के बाद तहसीलदारों की छवि में सुधार हुआ है और लोगों को सेवाएं समय पर मिलने लगी है। इसी प्रकार, तहसीलों में भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे क्लर्कों का एक सामान्य काडर बनाएं ताकि उन्हें रेशनलाईज किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लंबित इंतकालों को निपटवाएं तथा इंतकाल को समय पर दर्ज करें तथा इस कार्य में आईटी व डिजीटल तकनीक का इस्तेमाल करें।

 

विकास कार्यों का सोशल ऑडिट होगा

बैठक में मुख्यमंत्री ने बैव-हैलरिस, सभी विकासात्मक कार्यों का सोशल आडिट तथा विकास एवं पंचायत विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री को ग्रामीण कार्यों की निगरानी प्रणाली तथा पंचायती राज में शक्ति के हस्तांतरण के बारे में भी बताया गया। बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. राकेश गुप्ता, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा, आईटी विभाग के प्रधान सचिव देवेन्द्र सिंह, सचिव श्री बिजेन्द्र सिंह, पुलिस महानिदेशक बी एस संधू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था मोहम्मद अकील, सीआईडी के पुलिस महानिरीक्षक अनिल राव भी उपस्थ्ति थे। इसके अतिरिक्त, बैठक में अशोका विश्वविद्यालय की ओर से विनित गुप्ता सहित अन्य अधिकारी व मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी भी उपस्थित थे।

 

साभार-khaskhabar.com 

 

 

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